दिल्ली रैली में हरियाणा कांग्रेस की फूट खुलकर आई सामने, अशोक तंवर का भूपेंद्र हुड्डा समर्थकों ने किया जमकर विरोध

नई दिल्ली(प्रैसवार्ता)। कांग्रेस द्वारा भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरूध तथा प्राकृति आपदा से किसानों की बर्बाद हुई फसलों का उचित मुआवजा दिलवाने की मांग को लेकर दिल्ली में आयोजित महारैली में हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी साफ तौर पर नजर आई। मंच से जब प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर जनता को संबोधन करने लगे तब वहां उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थकों ने जमकर हूटिंग की। हूटिंग करने वाले पिंक रंग की पगड़ी पहने हुए लोग शामिल थे। तंवर के भाषण में लगातार हुड्डा समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी करके उनके भाषण में बाधा डाली लेकिन उसके बावजूद भी वे अपने भाषण को शोर शराबे के बीच जारी रखे रहे। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार  मंच के नजदीक अधिकांश संख्या में गुलाबी रंग की पगड़ी पहने हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के समर्थकों ने कब्जा किया हुआ था। जिसके चलते डॉ. तंवर ने जब अपना भाषण शुरू किया तो आगे बैठे हुए हुड्डा समर्थकों ने उनके विरूद्ध नारेबाजी शुरू कर दी और उनके भाषण में व्यवधान डाला। मंच पर बैठे कांग्रेस के शीर्ष नेता इस मंजर को चुपचाप देखते रहे। उन्होंने हुड्डा समर्थकों को डॉ. तंवर के खिलाफ हूटिंग करने से रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा व उनके सांसद बेटे दीपेंद्र हुड्डा कांग्रेस की महारैली में अपनी ताकत दिखाने में कामयाब रहे। भूपेंद्र हुड्डा ने जब भी प्रदेश में कांग्रेस के समर्थन में बैठक या सभा की तो उनके साथ कांग्रेस के 15 में से 14 विधायक उनके साथ खड़े नजर आए। केवल एकमात्र विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने उनसे दूरी बनाए रखी। ध्यान रहे कि हरियाणा में सत्ता परिवर्तन होने के बाद से ही प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर और किरण चौधरी अपना अलग से गुट बनाकर बैठकें करते रहे। उनकी किसी भी बैठक में न तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और न ही उनके समर्थक विधायक व कार्यकत्र्ता हाजिर हुए। इससे हरियाणा की राजनीति में यह स्पष्ट संकेत गया कि प्रदेश में कांग्रेस गुटों में बंटी हुई है।  रैली स्थल पर चारों तरफ गुलाबी पगड़ी और गुलाबी दुपट्टे नजर आने से यह सिद्ध हो गया कि हरियाणा में कांग्रेस में आज भी भूपेंद्र हुड्डा का वर्चस्व स्थापित है।  गौरतलब है कि हुड्डा ने अपने समर्थकों से गुलाबी रंग की पगड़ी व महिलाओं को पिंक रंग का दुपट्टा पहन कर महारैली में शामिल होने के संदेश से अपनी ताकत कांग्रेस उच्च कमान के सामने अपनी ताकत दिखा दी। हालांकि प्रदेशाध्यक्ष डॉ. तवंर व विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने अपने समर्थकों से कांग्रेस की टोपी पहन कर आने का अपने समर्थकों को न्यौता दिया था। प्रदेश कांग्रेस के तीनों नेताओं ने दिल्ली की महारैली के माध्यम से कांग्रेस उच्च कमान के सामने अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। इस रैली में भीड़ जुटाने के मामले में दोनों गुटों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दिल्ली की कांग्रेस महारैली में जिस प्रकार हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी उभर कर आई है। अगर उसे उच्च कमान ने शीघ्र समाप्त नहीं करवाया तो प्रदेश से कांग्रेस का जनाधार कम हो सकता है। 

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