तीन मामलों में डेरा प्रमुख ने भुगती पेशी, अगली पेशी 6 जून को

सिरसा(प्रैसवार्ता)। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड, रणजीत हत्याकांड तथा साध्वी यौन शोषण मामले में शनिवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह ने पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष हाजिरी लगाई। डेरा प्रमुख ने शनिवार सुबह स्थानीय अदालत में पेश होकर वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हाजिरी लगाई। अदालत में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति तथा रणजीत हत्याकांड तथा साध्वियों के साथ यौन शोषण से संबंधित तीनों मामलों में सुनवाई हुई। इस दौरान रणजीत हत्या मामले में आरोपी पक्ष के दो गवाहों की गवाही प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई। वहीं छत्रपति हत्याकांड में आरोपी पक्ष द्वारा अभियोजन पक्ष के तीन गवाहों को पुन: बुलाने संबंधी याचिका पर दोनों पक्षों में बहस हुई। याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया। साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख द्वारा अब हस्तलिपि की जांच निजी एजेंसी से करवाने संबंधी याचिका लगाई गई है। इस पर दोनों पक्षों में बहस हुई लेकिन अदालत इस याचिका पर निर्णय हाईकोर्ट के निर्देशानुसार 2 जुलाई के बाद लेगी। तीनों मामलों में आगामी कार्रवाई के लिए अब 6 जून की तारीख निर्धारित की गई है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को अदालत की कार्रवाई के दौरान सबसे पहले रणजीत हत्याकांड में आरोपी पक्ष के दो गवाहों की गवाही की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसके बाद छत्रपति हत्या मामले में आरोपी पक्ष द्वारा लगाई गई याचिका पर बहस हुई। उल्लेखनीय है कि छत्रपति हत्या मामले में आरोपी पक्ष ने अभियोजन पक्ष के तीन गवाहों की गवाही पुन: करवाने की मांग संबंधी याचिका अदालत के समक्ष लगाई है। इन तीन गवाहों में सीबीआई के जांच अधिकारी रहे तत्कालीन डीएसपी अरमानदीप सिंह, पुलिस के जांच अधिकारी रहे विजय सिंह जाखड़ व छत्रपति के पुत्र अरिदमन शामिल हैं। इस याचिका पर सीबीआई ने अपना जवाब अदालत के समक्ष पेश किया। इसके बाद इस पर दोनों पक्षों की बहस हुई। बहस के बाद अदालत ने इस याचिका पर निर्णय सुरक्षित रख लिया। वहीं, साध्वी यौन शोषण प्रकरण में आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह ने अब अदालत के समक्ष याचिका लगाकर साध्वी की हस्तलिपि की जांच निजी एजेंसी से करवाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में पहले सीबीआई ने आरोपी को निजी एजेंसी से जांच करवाने पर सहमति दी थी लेकिन आरोपी सीएफएसएल से जांच करवाने की मांग पर अड़ा रहा। इसके बाद सीएफएसएल को जांच सौंपी गई लेकिन एजेंसी ने जांच सामग्री को जांच के योग्य न मानते हुए असमर्थता जाहिर कर दी। तत्पश्चात आरोपी ने अदालत में याचिका लगाकर साध्वी की हस्तलिपि के नमूने दिलवाए जाने की मांग की लेकिन यह याचिका भी अदालत ने खारिज कर दी। अब डेरा प्रमुख ने उसके पास मौजूद सामग्री की जांच निजी एजेंसी से करवाने की अनुमति दिए जाने की याचिका लगाई है। इस याचिका पर शनिवार को सीबीआई ने ऐतराज जताया। सीबीआई का कहना है कि आरोपी द्वारा यह याचिकाएं केवल अदालत का समय बर्बाद करने के लिए लगाई जा रही हैं। याचिका पर दोनों पक्षों की बहस के बाद सीबीआई अदालत ने उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए इस पर निर्णय 2 जुलाई के बाद लेने की बात कही। गौरतलब है कि हस्तलिपि की जांच संबंधी एक याचिका डेर प्रमुख द्वारा उच्च न्यायालय में भी लगाई गई है जिस पर सुनवाई के लिए 2 जुलाई की तारीख निर्धारित है। इस संबंध में उच्च न्यायालय ने निचली अदालत को निर्देश देते हुए गुरमीत सिंह की याचिका पर फैसला 2 जुलाई तक न करने को कहा है। सीबीआई अदालत ने अब तीनों मामलों में आगामी सुनवाई के लिए 6 जून की तारीख निर्धारित की है।

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