किसान बनाम जाट नेता बनने की फिराक में भूपेंद्र सिंह हुड्डा

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा की मौजूदा सरकार के खिलाफ तथा स्वयं को किसान बनाम जाट नेता बनने की फिराक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा 31 मई को कंडेला (जींद) से हुंकार भरेंगे, जिसके लिए हुड्डा कांग्रेस (समर्थक) सक्रिय हो गए है। कांग्रेस प्रधान रहते हुए हुड्डा ने चौटाला सरकार के खिलाफ कंडेला से ही डुगडुगी बजाई थी, जिससे उन्हें भरपूर समर्थन मिला और वह एक दशक तक प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद पर आसीन रहे। हरियाणवी राजनीति में जाट समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिस पर चौ. देवीलाल परिवार का कब्जा रहा है, मगर वर्तमान में जाट समुदाय इस परिवार से दूरी बना चुका है और नेतृत्च की तलाश में है। कांग्रेस के खेमे में हुड्डा और रणदीप सिंह सुरेजवाला दो चेहरे है, जिनकी जाट समुदाय में पकड़ है। सुरजेवाला राष्ट्रीय राजनीति में चले गए है और हुड्डा के लिए एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका फायदा उठाने के लिए उन्हें प्रदेशभर का दौरा करने की घोषणा करके भाजपाई शासन को सकते में ला दिया है, वहीं इनैलो में भी बेचैनी बढ़ा दी है। हरियाणा में जाट और किसान को एक ही रूप में देखा जाता है। वर्तमान में किसान सरकार से खफा है, जिसे लेकर हुड्डा स्वयं को किसान हितैषी बनाने के साथ जाट नेता के रूप में स्थापित होने की तैयारी में जुट गए है। हुड्डा के इस राजनीतिक वार से निपटने के लिए भाजपा ने हुड्डा शासन में किसान विरोधी कार्यों का खुलासा करने का अभियान शुरू कर दिया है।  भाजपा द्वारा सबसे ज्यादा और जल्द मुआवजा देने का राग अलापा जा रहा है, मगर सही गिरदावरी न होने को लेकर किसान सड़कों पर है। कांग्रेसी युवराज राहुल गांधी का किसान राजनीति को तव्वजों देना, लोकसभा में किसानों की वकालत करना तथा किसान रैली को किसान कांग्रेस पक्षीय रूझान बनाते देखे जाने लगे है, जिन्हें कैश करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने हुड्डा को जिम्मेवारी सौंपी है। हुड्डा के कंडेला अभियान से कांग्रेस को, जहां किसानों की सहानुभूूति मिलेगी, वहीं हुड्डा स्वयं को किसान व जाट नेता के रूप में स्थापित कर लेंगे। कंडेला अभियान को लेकर हुड्डा ने भाजपाई शासन के विरूद्ध मोर्चा खोलकर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए है और मुआवजा वितरण व गिरदावरी में गड़बड़ी के आरोप लगाकर भाजपा सरकार की बेचैनी बढ़ा दी है। कांग्रेस प्रधान अशोक तंवर, कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने भी किसानों के मुद्दों को लेकर खट्टर सरकार पर निशाने साधने शुरू कर दिए है, मगर प्रदेशभर के किसानों से सीधा संपर्क करके हुड्डा की राजनीतिक योजना को हरियाणवी राजनीति में प्रभावी पहल माना जा रहा है। हुड्डा अपने एक दशक के कार्यकाल में किसान हितैषी कार्यों का भी उल्लेख करेंगे, ताकि किसानों में उनकी छवि किसान हितैषी की बन सके। राज्य के 15 कांग्रेसी विधायकों में से 14 हुड्डा के साथ है, जिसका फायदा हुड्डा के कंडेला अभियान को मिलेगा, इससे इंकार नहीं किया जा सकता। हुड्डा कांग्रेस कंडेला अभियान को लेकर भाजपाई को घेरने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी, ऐसी रणनीति को अमलीजामा पहनाए जाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। 

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