हरियाणा में दागी, बागी व अवसरवादी कांग्रेसियों की घर वापिसी शुरू

सिरसा(प्रैसवार्ता)। सत्ता सुख हासिल करने के लिए कांग्रेस छोड़कर भाजपाई ध्वज उठाने वाले राजसी दिग्गजों को भाजपा सरकार ने ऐसे घाव दिए है कि उन्हें अपनी घर की याद आने लगी है। भाजपाई शासन में दागी, बागी व अवसरवादियों की ऐसी स्थिति बन गई है कि सत्ता सुख का स्वपन चूर-चूर हो गया है। कांग्रेस छोडऩे वाले राजसी दिग्गजों ने, जहां अपने समर्थकों की फौज खो दी है, वहीं भाजपाई उन्हें घास नहीं डाल रहे है, क्योंकि उन्हें न तो भाजपाईयों बैठकों का निमंत्रण दिया जाता है और न ही भाजपाई कार्यक्रमों की जानकारी। अवसरवादियों को भाजपाईयों ने थानेदार से सिपाही बनाकर उनकी औकात बता दी है। एक पूर्व मंत्री, जो कभी जिला शिकायत एवं कष्ट निवारण समिति का चेेयरमैन होकर निर्णय और निर्देश देता था, अब वह मात्र एक फरियादी बनकर रह गया है, क्योंकि उसे जिला कष्ट निवारण समिति का सदस्य बना दिया गया है। भाजपा के दागी, बागी और अवसरवादियों को दिए जा रहे झटके से लोग नाखुश है। राजनीतिक झटकों की चपेट में आए अवसरवादियों दिग्गजों को कांग्रेसी ध्वज दिखाई देने लगा है और ज्यादातर ने घर वापिसी की जुगाड़ शुरू दी है, जबकि कुछ अभी भी स्वपन पाले हुए है। जिला सिरसा में पूर्व मंत्री जगदीश नेहरा तथा पूर्व मंत्री स्व. लछमण दास अरोड़ा की राजनीतिक वारिस कांग्रेस प्रतिनिधि सुनीता सेतिया और इनैलो नेता पवन बैनीवाल ने भाजपाई ध्वज उठाकर चुनाव लड़ा था, मगर तीनों ही लुढ़क गए, क्योंकि मतदाता इनकी अवसरवादिता से खफा थे। इसी प्रकार प्रदेश के ज्यादातर जिलों से कांग्रेसी दिग्गजों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेेंद्र हुड्डा से चल रहे मतभेदों की बदौलत कांग्रेस से अलविदाई ली थी, मगर अब पार्टी की कमान अशोक तंवर के हाथ में है, जो राहुल गांधी के करीबी है और राहुल गांधी को कांग्रेस नेतृत्च के रूप में देखा जाने लगा है। हुड्डा में मतभेदों की बदौलत कांग्रेस छोडऩे वालों ने अब तंवर ने नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी है।

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