सुखबीर मुख्यमंत्री और प्रकाश सिंह बादल राष्ट्रपति के ख्वाब में

बठिण्डा(प्रैसवार्ता)। धुरी उपचुनाव में विजयी परचम लहराकर शिरोमणी अकाली दल का विधायक आंकड़ा 59 पर ले जाने वाले उप मुख्यमंत्री पंजाब सुखबीर सिंह बादल का मुख्यमंत्री बनने के स्वपन पर भाजपाई ग्रहण लगता नजर आ रहा है। प्रदेश में विधानसभा की 117 सीटें है और शिरोमणी अकाली दल का आंकड़ा धुरी उपचुनाव उपरांत 58 से बढ़कर 59 हो चुका है, जो सुखबीर बादल को मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाने के लिए काफी है। प्रदेश भाजपा के सुखबीर बादल से मधुर संबंध न होने के चलते सुखबीर बादल का ख्वाब हिचकोले खा रहा है। सूत्रों के मुताबिक एक समय ऐसा राजनीतिक मानचित्र दिखाई देता था, जिसमें तराजू (शिरोमणी अकाली दल का चुनाव चिन्ह) भारी था, मगर केंद्र में भारी बहुमत से भाजपाई सरकार बनने के चलते तराजू कमजोर पड़ गया। प्रदेश भाजपा सुखबीर बादल को मुख्यमंत्री स्वीकार करने को तैयार नहीं, वहीं मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सुखबीर को मुख्यमंत्री का पद सौंपकर स्वयं राष्ट्रपति बनने की जुगाड़ में है। प्रकाश सिंह बादल यदि प्रदेश भाजपा को दर किनार कर सुखबीर बादल को मुख्यमंत्री बना देते है, तो उनके राष्ट्रपति बनने के स्वपन पर न सिर्फ ग्रहण लग जाएगा, बल्कि सुखबीर बादल की धर्मपत्नी हरसिमरत कौर केंद्रीय मंत्री भारत सरकार का मंत्रीपद भी प्र्रभावित हो सकता है। केवल इतना ही नहीं, इसी के साथ ही मोदी सरकार पंजाब से सौतेला व्यवहार शुरू कर सकती है, जिसे लेकर बादल दुविधा में है, क्योंकि भाजपा ने उन्हें अपनी चक्रव्यूह में लपेटा हुआ है। देखना तो यह है कि व्योवृद्ध राजसी दिग्गज प्रकाश सिंह बादल अपने तथा अपने पुत्र सुखबीर बादल के स्वपन किसी प्रकार पूरे करके भाजपाई मकडजाल से बाहर निकलते है।

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