पत्रकारों के साथ देखी गई रोंगटे खड़े कर देने वाली फिल्म द ब्लड स्ट्रीट

सिरसा(प्रैसवार्ता)। पंजाबी फिल्म द ब्लड स्ट्रीट में आंखों देखी देखने के लिए बाहर की बजाए भीतर की आंखों से ज्यादा देखने की जरूरत है,  जिन्हें मुख्यधारा का सिनेमा देखने की आदत है, उनके लिए यह फिल्म ज्यादा मायने नहीं रखती, लेकिन जो सिनेमा में खुद को घटित होते देखना चाहते हैं उनके लिए यह अनिवार्य फिल्म है। उक्त विचार संत बलजीत सिंह दादूवाल ने स्थानीय हिसार रोड़ स्थित ओएचएम में पत्रकारों व दर्शकों के साथ पंजाबी फिल्म द ब्लड स्ट्रीट देखने के बाद दर्शकों के साथ रूबरू होते हुए व्यक्त किए। फिल्म के मुख्य अभिनेता सोनप्रीत जवंदा व कर्मजीत बराड़ के साथ राजनेताओं, पत्रकारों सहित 2२५ दर्शकों के साथ फिल्म देखने के बाद संत दादूवाल ने कहा कि फिल्म अपने साथ अनूठे दर्शन को लेकर चलती है और उसे दर्शक के भीतर घटित होने देती है। दर्शक किस पल में खुद को फिल्म का हिस्सा बना लेता है, इसका पता भी नहीं चलता। सन् 1984 में पंजाब में हुए कत्लेआम के बाद चलते काले दौर की सच्चाई बयां करती इस फिल्म में अल्पसंख्यक लोगों की भावनाएं दिखाई गई है, क्योंकि पंजाब में आंतकवाद दौरान कई परिवारों के साथ ज्यादती हुई और उन्हें न्याय नहीं मिला का चित्र दिखाया गया है, जिन्होंने अपने ही देश में संताप झेला है। इसके अलावा फिल्म में ऐसी मां की तस्वीर दिखाई गई है, जो अपने पति व बेटे को खोने के बाद अंदर से टूट जाती है, लेकिन उसके आंसू किसी को दिखाई नहीं देते। वो अपना सब कुछ खोकर भी जिंदा रहती है। आत्याचार के शिकार अपना अधिकार प्राप्त करने के लिए जब प्रयास करते हैं तो उन्हें आतंकवादी, नशेडी, भगोडा, चोर जैसे विशेषण दिए जाते हैं। इस प्रकार रोंगटे खड़े कर देने वाली इस फिल्म का समापन और भी खूबसूरत रहा। हर लिहाज से फिल्म देखने लायक है। दर्शकों के उमड़े सैलाब ने फिल्म की स्टार कास्ट व संत दादूवाल को अपनी सिर आंखों पर बिठाया। पीवीआर में विधायक बलकौर सिंह, प्रकाश सिंह साहूवाला, लाब सिंह नंबरदार, एडवोकेट नीतिन, रणजीत सिंह डबवाली, एडवोकेट मनमिन्द्र सिंह डबवाली, एडवोकेट त्रलोक सिंह, सुखविंद्र सिंह पार्षद, अरविंद्र सिंह सोढ़ी, गोरा सिंह, डॉ. लखवीर सिंह, बाबा गुलजार सिंह, बापू प्रतीम सिंंह सहित अनेक गणमान्यों ने फिल्म देखने उपरांत अपनी शुभकामनाएं दी।

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