मां ड़ालनी चाहती थी देह व्यापार में, लड़की घर से भाग गई

सिरसा(प्रैसवार्ता)। अंग्रेज दार्शनिक नोरा एफ्रॉन ने लिखा है कि, हर चीज से बढ़कर अपने जीवन की नायिका बनिए, शिकार नही...। इसी तरह चेर ने लिखा कि महिलाएं समाज की वास्तविक वास्तुकार होती है। उस लड़की ने नोरा एफ्रॉन या चेर को तो नहीं पढ़ा होगा, लेकिन अपनी अस्मत बचाने और समाज के दुश्चरित्र लोगों से बचने के लिए घर से निकल पड़ी। बार-बार उसे देह व्यापार में धकेलने की कोशिश करने वाली उसकी मां उसे ढूंढकर ले जाती है, मगर वह हर बार बचकर निकलती है। अपनी इज्जत को बेआबरू होने से बचाने के लिए 16 साल की यह लड़की कभी राजस्थान, कभी पंजाब, तो कभी हरियाणा में इधर-उधर भटक रही है। न पुलिस ने ही उसकी आज तक मदद की और न ही सभ्य समाज के किसी नागरिक का हाथ उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा। वह खुद ही अपना बचाव करती घूम रही है।  इस लड़की का नाम है सुनीता, जिसके पिता हुकुम सिंह का देहांत हो चुका है। यह लड़की पढ़ी लिखी नहीं है। उसका कहना है कि उसे उसकी मां ने इसलिए नहीं पढ़ाया कि उसके पिता का निधन हो चुका है और वह उसे देह व्यापार में धकेलना चाहती थी। मगर उसने यह ठान लिया था कि वह यह गलत काम कभी नहीं करेगी। इसलिए अपनी अस्मत बचाने के लिए लड़की ने जो कदम उठाया, उससे बाकी लड़कियां भी प्ररेणा ले सकती है। हर लड़की अपने जीवन की नायिका बन सकती है।
बेगू की पंचायत के पास पहुंचा मामला
इस लड़़की की बड़ी बहन ज्योति गांव शहीदांवाली में गुरदेव उर्फ देबू के साथ विवाहिता थी लेकिन बाद में उसका तलाक हो गया था। यह लड़की तभी शहीदांवाली आई थी। उसने लोगों से देबू का पता पूछा तो लोगों ने यह समझकर उसे शाहपुर बेगू गांव भेज दिया कि संभवत: वह बेगू जाना चाहती है। यहां पंचायत के सामने बात आई तो पता किया गया। उसे शहीदांवाली भेज दिया गया। शहीदांवाली निवासी दलबीर सिंह के बेटे गुरदेव के साथ उसकी विवाहिता थी। दलबीर सिंह उसे गांव के पूर्व सरपंच कृष्ण कंबोज के पास लेकर गया और पुलिस को शिकायत की गई। पुलिस ने जब यह कहा कि उसे उसके परिवार वालों के पास भेज देते है, तो लड़की ने मना कर दिया तो मामला पुुलिस के पास पहुंचा।
एसपी कार्यालय में गई लड़की
सदर थाना पुलिस ने लड़की की मां, भाई और एक अन्य रिश्तेदार को बुलाया और लड़की को उनके सपुर्द करने की कोशिश की, तो लड़की ने मना कर दिया। साथ ही कहा कि वह उसकी मां के देह व्यापार में शामिल नहीं हो सकती। अगर उनके साथ भेजा गया, तो वह आत्महत्या कर लेगी। जब उसे इंसाफ नहीं मिला, तो वह एसपी कार्यालय में पहुंची लेकिन एसपी अपने कार्यालय में नहीं थेे। बाद में पूर्व सरपंच कृष्ण कंबोज, कश्मीर सिंह, चन्ना सिंह आदि उसे लेकर एएसपी प्रतीक्षा गोदारा के पास गए। यहां एएसपी ने गंभीरता से उसकी बात को सुना और मामले को गंभीर मानते हुए सदर थाना के एसआई सुखदेव सिंह को मौके पर बुलाया। उन्होंने आदेश दिए कि इस मामले की पूरी जांच की जाए। उसकी बहन के ससुर दलबीर सिंह का कहना है कि वे 2-4 दिन तो लड़की को रख सकते है, लेकिन आखिरी व्यवस्था तो पुलिस को ही करवानी होगी।
ये कहना है एएसपी का
इस मामले में एएसपी प्रतीक्षा गोदारा का कहना है कि हमने लड़की की पूरी बात को सुना है। मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अगर मामला सही निकला, तो लड़की के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। उसके साथ पूरा न्याय किया जाएगा।

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