मालामाल वीकली निकली, पर लेने वाला गायब

सिरसा(प्रैसवार्ता)। यह एक फिल्मी कहानी जरूर लगती है, लेकिन है बिल्कुल सच्ची। राजस्थान के बीकानेर रेंज की चार पुलिस टीमें एक अधेड उम्र के व्यक्ति की तलाश में राजस्थान और हरियाणा की खाक छानती फिर रही है। पुलिस ने उसकी सूचना देने वाले को दस हजार रूपए ईनाम देने का भी ऐलान किया है। अगर मामले की तह तक जाएंगे तो चैंकि बगैर नहीं रहेंगे। यहां बता दें कि इस व्यक्ति की जमीन करीब 15 साल पहले एक कंपनी द्वारा फैक्ट्ररी स्थापित करने वाली लगह में आ गई थी और कंपनी ने उसे जमीन के रेट के रूप में उस समय 42 लाख रूपए उसके खाते में जमा करवाए थे। दीपाराम मानसिक रूप से कुछ कमजोर था। जब उसने काफी समय तक बैंक से पैसा नहीं निकलवाया, तो बैंंक के तत्कालीन सेकंड मैनेजर के मन में बेईमानी आ गर्ई। दीपाराम ने काफी समय तक ना आने के बाद बैंक के डिप्टी ब्र्रांच मैनेजर राम स्वरूप बिश्रोई ने फर्जी एटीएम बनाकर उसके खाते से 32 लाख रूपए निकाल लिए। वहीं इस मामले में दीपाराम ने उत्तराधिकारी उसके भतीजे उग्राराम ने शिकायत की, मामले की जांच पड़ताल हुई तो आरोपी बैंक मैनेजर ने खाते से रूपए निकालने स्वीकारे लेकिन उसने दीपाराम के बारे में किसी भी प्रकार की सूचना होने से इंकार कर दिया। जांच अधिकारी ने बताया कि इस मामले में आरोपी बैंक प्रबंधक जेल में है। वहीं इस मामले में उग्राराम ने सरकार के खिलाफ रिट दायर की हुई है, जिसके बाद बीकानेर रेंज के आईजी गिरधारी लाल शर्मा द्वारा चार टीमों चुरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व बीकानेर का गठन किया गया, जो दीपाराम की तलाश कर रही है। हनुमानगढ़ के सब इंस्पेक्टर हंसराज के नेतृृत्व में सिरसा पहुंची टीम सिरसा, फतेहाबाद, भट्टू, ऐलनाबाद इत्यादि में बीकानेर निवासी दीपराम को ढूंढ रही है। सब इंस्पेक्टर हंसराज ने बताया कि दीपाराम अक्सर सिरसा भट्टू क्षेत्र में आता था, इसलिए उसे यहां तलाशा जा रहा है। एक साल पहले दीपाराम हिसार जाने का कहकर गया था लेकिन वापिस नहीं लौटा।
यह संयोग की बात है...
इसे किस्मत भी कह सकते है और संयोग भी। जिस व्यक्ति को अपने बैंक खाते का भी पता नहीं, उसके पास दौलत चलकर आ गई और जो जिंदगी भी इसे पाने में लगे रहते है, उन्हें यह नसीब नहीं होती। दीपाराम वाला मामला ऐसा ही है। अगर वह ठीक होता तो ऐश करता। लेकिन उसकी किस्मत और कुदरत को शायद यह मंजूर नहीं था।
इसे कहते है कुदरत का कमाल
एक व्यक्ति जिसने परिवार नहीं बसाया। मानसिक रूप से कुछ परेशान है। घर से चला जाता है, उसे यह मालूम नहीं कि उसके खाते में अचानक से आ गई दौलत पर कोई और मौज उड़ा रहा है। यह वास्तव में फिल्मी कहानी का कथानक ही लगता है, लेकिन यह सच्चाई है। इतना ही नहीं  पूरे बीकानेर रेंज के उच्चाधिकारियों दीपाराम की तलाश में जुटे है। वे उसका पता लगाना चाहते है। उसके बारे में सूचना तक देने वाले को 10 हजार रूपए का ईनाम घोषित किया हुआ है।

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