पंचायती चुनाव: खट्टर सरकार को दिखाएंगे आईना

सिरसा(प्रैसवार्ता)। निकट भविष्य में होने वाले प्रदेश के जिला परिषद, ब्लॉक समिति, नगर परिषद, नगर पालिका व पंचायती चुनावों में हरियाणवी मतदाता मौजूदा खट्टर सरकार को उनकी लोकप्रियता का आईना दिखाएगी। राज्य में 25 जुलाई को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। प्र्रदेश में पंचकुला, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, कैथल, जींद, सोनीपत, पानीपत, सिरसा, फतेेहाबाद, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, फरीदाबाद, मेवात, पलवल व हिसार जिले में पंचायती चुनाव तथा नारायणगढ़, चीका, राजौन्द, महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, समालखा, भूना, झज्जर, सफीदों, तरावड़ी, निसिंग, लाड़वा, पिहोवा, फिरोजपुर झिरका, कालांवाली, गन्नौर तथा ऐलनाबाद पालिका और चरखी दादरी, नारनौल, टोहाना, थानेसर, होडल, सिरसा, डबवाली व गोहाना नगर परिषद के चुनाव पहले चरण में होंगे। हरियाणा में नौ नगर निगम, इक्कीस जिला परिषद, 119 पंचायत समितियां तथा 62 सौ पंचायते है। इनैलो ने यह चुनाव अपनी पार्टी चिन्ह चश्मा पर लडऩे का इरादा बनाया है, जबकि हजकां तथा आम आदमी पार्टी ने निकाय चुनाव लडऩे का फैसला किया हुआ है। भाजपा पार्टी चिन्ह पर चुनाव न लडऩे पर विचार कर रही है, जबकि कांग्रेस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले है। इनैलो के चश्मे को लेकर भाजपा तथा कांग्रेस सकते में है। निकाय चुनाव भाजपा  के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं आंके जा रहेे। भाजपा का एक वर्ग शहरी क्षेत्रों के नगर निगम, नगर परिषद, पालिका के चुनाव पार्टी चुनाव चिन्ह पर लडऩे की वकालत कर रहा है, जबकि ग्रामीण आंचल में पार्टी चुनाव चिन्ह को लेकर चुप्पी साधे हुए है। भाजपाई दिग्गज मतदाताओं की नब्ज टटोलने के लिए सक्रिय हो गए है, वहीं इनैलो चश्मे की डुगडुगी बजाकर इस प्रयास में है कि यदि निकाय चुनाव में हरियाणवी मतदाता चश्मे पर विश्वास व्यक्त करते है, तो प्रदेश का राजनीतिक वातावरण इनैलोमयी हो जाएगा। इनैलो के इस प्रयास पर ग्रहण लगाने के लिए भाजपा पार्टी चुनाव चिन्ह पर चुनावी समर में उतरने से दूरी बना रही है, ताकि निर्दलीयों की मदद से इनैलो की योजना को राजनीतिक झटका दिया जा सके।

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