हरियाणा में ट्रैक्टर थाम सकता है हाथ

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा कांग्रेस में बढ़ रहे आपसी कलह के साथ साथ मौजूदा पार्टी प्रधान अशोक तंवर के बढ़ते राजनीतिक कद से हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्रोई विधायक आदमपुर तथा उनकी पत्नी रेणुका बिश्रोई विधायिका हांसी अपने समर्थकों के बढ़ते दवाब के चलते ट्रैक्टर से उतरकर कांग्रेसी हाथ थामने की तैयारी करने लगे है। ट्रैक्टर हजकां का चुनावी चिन्ह है। विधानसभा चुनाव में भाजपाई झटके तथा पार्टी का पति-पत्नी तक ही विजयी परचम  लहराने से हजकां से अलविदाई लेने वालों के भूकंप ने हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्रोई को आईना दिखा दिया है, जिसके हाथ ही दिखाई देता है। हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्रोई के समर्थक दवाब बना रहे है कि बिश्रोई हाथ से हाथ मिलाकर अशोक तंवर को मजबूती दे सकते है, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भारी पड़ सकते है। हुड्डा से छत्तीस के आंकड़े की बदौलत कुलदीप बिश्रोई के पिता श्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा स्व. भजनलाल ने कांग्रेस से अलविदाई लेकर हजकां का गठन किया था और राजनीतिक स्थिति ऐसी बन रही है कि तंवर की मजबूती हुड्डा को कांग्रेस से अलविदाई लेने पर मजबूर कर सकती है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार  हजकां सुप्रीमों कांग्रेस हाईकमान के संपर्क में है और कभी भी एक विशाल रैली करके राहुल गांधी की उपस्थिति में ट्रैक्टर से उतर सकते है। हजकां सुप्रीमों के समर्थकों का मानना है कि हजकां का राजनीतिक भविष्य दिन प्रतिदिन कम हो रहा है और उसका जनाधार तेजी से समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। यदि समय रहते हुए हजकां का कांग्रेस में विलय न किया गया, तो हजकां पति-पत्नी तक ही सीमित होकर रह जाएगी। इसलिए राजनीतिक दृष्टि से हजकां की दुकान हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दी जानी चाहिए। हरियाणा में यह चर्चा पूरे यौवन पर है कि ट्रैक्टर से उतरकर हजकां सुप्रीमों हाथ का हाथ कभी भी थाम सकते है, जिससे न सिर्फ उनका राजनीतिक भविष्य उज्जवल होगा, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा का न्यौता ब्याज सहित वापिस किया जा सकेगा।

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