अधूरा गर्भपात मामला: एएसपी ने सिटी एसएचओ को लगाई लताड़

सिरसा(प्रैसवार्ता)। महिला चिकित्सक शकुंतला चौधरी द्वारा एक विवाहिता का अधूरा गर्भपात करने के मामले में एएसपी प्रतीक्षा गोदारा ने सिटी एसएचओ सुभाष को लताड़ लगाई। एएसपी ने एसएचओ को मामले की गहनता से जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे, परन्तु एसएचओ ने जांच के नाम पर औपचारिकता पूरी करते हुए टेबल पर ही रिपोर्ट तैयार कर दी। एएसपी ने एसएचओ सुभाष की खिंचाई करते हुए केस से जुड़े हरेक पहलू की बारीकी से जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि सूरतगढिय़ा बाजार निवासी राम मूंदड़ा ने जनता भवन रोड़ स्थित चौधरी नर्सिंग होम की संचालिका डॉक्टर शकुंतला चौधरी के खिलाफ एएसपी को शिकायत की थी, जिसमें कहा था कि डॉक्टर चौधरी ने उसकी पत्नी सोनिका का अधूरा गर्भपात कर उसकी जान खतरे में डाल दी। सोनिका को काफी शारीरिक व मानसिक तकलीफों का सामना करना पड़ा। बाद में एक अन्य महिला चिकित्सक संतोष बिश्रोई ने कम्पलीट अबोर्शन किया, जिससे सोनिका की जान बच पाई। पीडि़त महिला के पति ने यह भी कहा कि डॉक्टर शकुंतला चौधरी के फेवर में सामान्य अस्पताल के चिकित्सकों डॉ. विरेश भूषण व डॉ. विरेन्द्र दीप सिंह गिल ने रिपोर्ट तैयार कर अपने पेशे का दुरूपयोग किया। मेडिकल बोर्ड में शामिल इन दोनों डॉक्टरों ने डॉ. चौधरी द्वारा किए गए गर्भपात को कम्पलीट बताया, जबकि डॉ. संतोष बिश्रोई ने लिखित में यह दिया है कि सोनिका का गर्भपात अधूरा था। इससे स्पष्ट होता है कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट झूठी थी। एएसपी ने पीडि़त की व्यथा सुनकर सिटी एसएचओ सुभाष को मामले की दोबारा जांच कर सच्चाई सामने लाने के निर्देश दिए, परन्तु एसएचओ ने अपनी जिम्मेदारी का सही ढंग से पालन नहीं किया। एएसपी के आदेश को एसएचओ ने गंभीरता से नहीं लिया और टेबल पर ही रिपोर्ट तैयार कर एएसपी को भेज दी। पीडि़त महिला के पति राम मूंदड़ा ने एएसपी के पास फिर से दस्तक दी और न्याय की गुहार लगाई। एएसपी प्रतीक्षा गोदारा ने मौके पर ही एसएचओ सुभाष को फोन किया और लताड़ लगाते हुए कहा कि 'अगर टेबल ही रिपोर्ट तैयार करनी थी तो यह काम मैं ही कर लेती।Ó एसएचओ ने अपना बचाव करते हुए कहा कि 'मामला कंज्यूमर कोर्ट में चल रहा है।Ó तब एएसपी ने कहा कि 'पीडि़त महिला कोई प्रोडक्ट नहीं, कम्पलीट अबोर्शन करने वाली डॉ. संतोष बिश्रोई के बयान लो और इसे रिपोर्ट में फाईल करो। जरूरत पड़े तो अन्य डॉक्टरों की ओपीनियन लो और सच सामने लाओ।Ó एएसपी ने पीडि़त को न्याय का भरोसा दिलाया है। दूसरी तरफ एएसपी की लताड़ के बाद अब एसएचओ सुभाष ने मामले में दूध का दूध, पानी का पानी सामने लाने की बात कही है। पीडि़त महिला के पति ने कहा कि अगर उन्हें जल्द न्याय न मिला तो वे मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर उसकी पत्नी का अधूरा गर्भपात कर जान खतरे में डालने वाली डॉ. शकुंतला चौधरी व झूठी रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉ. विरेश भूषण व डॉ. विरेन्द्र दीप सिंह गिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। न्याय न मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। 

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