नगर परिषद सिरसा: करोड़ों का गोलमाल: जांच को दबाने का प्रयास, मीडिया कर्मी जनहित में कूदे

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद सिरसा में हुए करोड़ों के गोलमाल पर जांच को दबाने के प्रयासों पर ग्रहण लगानेे के लिए मीडिया कर्मी जनहित में खड़े हो गए है और जरूरत पड़ी, तो अदालती शरण भी ली जा सकेगी। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद के भ्रष्ट तंत्र ने ठेकेदारों के साथ सांठगांठ करके करोड़ों रूपयों का गोलमाल किया है। वर्ष 2013 में नगर परिषद के अधिकारियों ने शहर की अनेक सीमेंट कंकरीट की गलियों की मुरम्मत व पुन: निर्माण दिखाकर पूरी राशि डकारते हुए सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखा दिया है। हरियाणा सरकार के पंत्राक नम्बर 32492 दिनांक 12 अगस्त 2013, 14667 दिनांंक 24 मार्च 2014 तथा 3001 दिनांक 8 अप्रैल 2015 के तहत स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कोई भी कार्य बगैर टैण्डर न किया जाए तथा गलियों के आईडी नंबर लगाए जाए। अगर कोई विशेष मजबूरी है, तो उपायुक्त से पूर्व अनुमति ली जाए। शहरी निकाय निदेशालय हरियाणा के इन निर्देशों के बावजूद 20 मार्च 2015 को 160 गलियों के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिस पर 14 करोड़ रूपए की राशि खर्च करने की स्वीकृति ली गई। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि जिन गलियों की स्वीकृति नगर परिषद के सदन से 20 मार्च को ली गई, उसमें से लगभग तीन करोड़ की गलियों का भुगतान 31 मार्च 2015 तक कर दिया गया। मार्च मास के अंंतिम दिन 11 दिनों के वार्ड नम्बर 11 व 27 की सैनी रिसोर्ट वाली  गली का निर्माण व कुछ गलियों की मुरम्मत दिखाकर 185,98,808 रूपए का भुगतान किया और भुगतान के तीन दिन बाद दो अप्रैल को समाचार पत्र में टेंडर देेकर सैनी रिसोर्ट वाली गली का निर्माण का 15 लाख रूपए का टैंडर लगा दिया। वार्ड नम्बर 4 की तीन गलियों का भुगतान 31 मार्च 2015 को करीब 20 लाख रूपए दिखाया गया है, मगर उनमें से किसी भी गली का निर्माण नहीं हुआ। इसी प्रकार नगर परिषद के भ्रष्ट तंंत्र ने वार्ड नम्बर 20 की गली खान साहिब वाली का निर्माण कार्य पर 8 लाख रूपए की धनराशि का खर्च दिखाया गया है, मगर इस गली में निर्माण तो दूर, मुरम्मत के नाम पर भी एक रूपया नहीं लगाया गया। 

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