पत्रकारों की चेतावनी: अगर भूख हड़ताल से काम न चला, तो सड़कों पर उतरेंगे

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों व संलिप्त ठेकेदारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पत्रकारों का क्रमिक अनशन शुक्रवार सुबह 9 बजे से शुरू हो गया। क्रमिक भूख हड़ताल में पत्रकारों के साथ शहर के  व्यापारी, सामाजिक, धार्मिक व शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। पहलेे दिन भूख हड़ताल पर पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी, पत्रकार अंजनी गोयल,  हीरालाल शर्मा, कुलदीप मित्तल व पत्रकार मुख्यतार सिंह बैठे।  भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई इस मुहिम को समाज के हर वर्ग का भरपूर साथ मिल रहा है। भूख हड़ताल पर बैठे पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह लड़ाई अंतिम दौर तक जारी रहेगी और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने अभी तक इस घोटाले में शामिल जेई अरूण कुमार, व एमई सुबेर सिंह को गिरफ्तार किया है। जबकि बड़ी मछली अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। 
मगरमच्छों को गिरफ्तार करना जरूरी
पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी ने प्रैसवार्ता को बताया कि फर्जी गली के निर्माण में शहर थाना पुलिस ने 18 जून को एफआईआर संख्या 461 धारा 406, 409, 420, 465, 466, 467, 468, 471,   व 120बी के तहत मामला दर्ज की है। 15 दिन बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी न करने पर 3  जुलाई को शहर थाना के बाहर धरना दिया गया था। साथ ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी गई थी। पुलिस ने बुधवार देर शाम को नगर परिषद के जेई अरूण कुमार व एमई सुबेर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इस मामले में पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए पार्षद प्रधान सुरेश कुक्कु, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता धर्मवीर दहिया व ठेकेदार उमेश गुप्ता को अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इन बड़े मगरमच्छों की गिरफ्तारी जरूरी है। जब तक इन मगरमच्छों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक ताबाल की पूर्ण सफाई नहीं हो पाएगी।
120बी के तहत वार्ड पार्षद भी जिम्मेदार 
नगर परिषद में फर्जी गली निर्माण से लेकर अन्य कार्यों में हुए घपलों में वार्ड पार्षद पर भी उंगली उठने लगी है। वार्ड पार्षद की यह जिम्मेदारी बनती है कि वार्ड में हो रहे कार्य की समीक्षा करें और अगर कहीं फर्जी निर्माण हो रहा हो या राशि निकासी के बाद भी निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा हो तो वह शिकायत करे। लेकिन बार-बार एक ही गली के लिए राशि की निकासी और फिर बंदरबांट कर सरकारी खजानों की लूट में इन पार्षदों के खिलाफ भी 120बी के तहत मामला दर्ज करनेे की मांग की जा रही है। 
स्ट्रीट लाइट मामले में भी अभियोग दर्ज हो
लाखों रुपये की लागत से रानियां गेट नगर परिषद की ओर से स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी। स्ट्रीट लाइट पूरी तरह खराब पड़े हुए हैं। इसमें बड़े पैमानों पर घालमेल किया गया है। इतना ही नहीं यहां पर सड़कों के दोनों ओर बनाए गए फुटपाथ में भी घोटाला किया गया है। फर्जी बिल बनाया गया है। सरकारी खजानों को नप अधिकारियों ने दोनों थानों सेे लूटा है। पत्रकार अंजनी गोयल ने एक माह पूर्व पुलिस अधीक्षक को इस मामले की जानकारी दी थी। साथ ही एसपी कार्यालय के जांच अधिकारी सुभाष को उन्होंने शिकायत भी की थी, इसके बााद भी अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया। 
डीजीपी के आदेश पर भी नहीं हो रही कार्रवाई 
विजिलेंस की जांच रिपोर्ट के बाद भी सरकार इन भ्रष्ट अधिकारियों व संलिप्त ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। विजिलेंस के फाइल नंबर 2/12 पर डीजीपी हरियाणा द्वारा 31 मार्च 2015 को मुहर लगाते हुए कार्रवाई करने करने की अनुशंसा किया जा चुका है। जिसमें तत्कालीन कार्यकारी अभियंता नेेकी राम, तत्कालीन पालिका अभियंता रमेश चंद्र, कालांवाली के पालिका अभियंता फूल सिंह, जेई अशोक कुमार, जेई मुनीष कुमार, जेई जगदीश राय ने आपस में मिलीभगत करके सिरसा शहर में वर्ष 2009-10,-11 में बनवाई गई गलियों के निर्माण कम सामान लगागर व रिकार्ड में ज्यादा दिखाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करके कुल 728716 रुपये की राशि का गबन किया गयाहै। इसलिए उपरोक्त के विरुद्ध भादंस की धारा 420, 427,468,471 व 120 बी के तहत अभियोग दर्ज किये जाने तथा उपरोक्त से  728716 रुपये की राशि वसूल किए जाने के निर्देश दिए थे लेकिन इसके बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

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