सिरसा में एक ऐसा बाबा रामपाल, जो नहीं हो रहा गिरफ्तार, रच रहा है षडयंत्र

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों व भ्रष्टाचार में शामिल सभी ठेकेदारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पत्रकारों का क्रमिक भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रहा। बूंदाबांदी हो या भारी बरसात। ओले पड़े या सूर्य की गर्मी। बिना डरे, बिना रूके, बिना किसी की परवाह किये शुरू की गई इस मुहिम में तीसरे दिन पत्रकार नरेश अरोड़ा, पार्षद अंग्रेज बठला, वरिष्ठ पत्रकार वेदप्रकाश जैन (सरावगी), पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी, पत्रकार अंजनी गोयल, पत्रकार राजेश सतीजा, पत्रकार सोनिया क्रमिक अनशन पर बैठी। भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी ने बताया कि नगर परिषद, सिरसा में भ्रष्टाचार उजागर हो चुका है। ब्रह्माकुमारी फर्जी गली निर्माण मामले में पुलिस ने मामला भी दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस ने जेई अरूण कुमार व एमई सुबेर सिंह को गिरफ्तार भी किया। वह दोनों अब जेल में है। लेकिन इन दोनों को पकडऩे से यह मामला समाप्त होने वाला नहीं है। अभी भी बड़े मगरमच्छ खुले घूम रहे हैं। पुलिस से बचने के लिए हर दिन नए नए हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। जब तक ये गिरफ्तार नहीं हो जाते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
हरियाणा कर्र्मचारी महासंघ ने दिया समर्थन
नगर परिषद सिरसा के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन को हरियाणा कर्र्मचारी महासंघ ने समर्थन देने का ऐलान किया है। महासंघ के प्रमुख प्रवक्ता विजयपाल जाखड़ व जिला प्रधान आत्माराम सहारण ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा कि फर्जी गली निर्माण मामले में पुलिस द्वारा एफआइआर दर्ज किए जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न किया जाना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि गली निर्माण के नाम पर घोटाला समाज के साथ धोखा है। इस मामले में आरोपी सभी अधिकारियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाना चाहिए। दोनों नेताओं ने कहा कि फर्जी गली निर्माण मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी में विलंब आर्थिक अथवा राजनीतिक कारणों से पुलिस पर दबाव बनाकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन बिना दबाव के कार्रवाई करें, अन्यथा सामाजिक शांति भंग होने के खतरे पर हरियाणा कर्मचारी महासंघ इस आंदोलन में कूदने को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी में देरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। देरी करने पर सामाजिक हित में आंदोलन को तीखापन देने का कार्य हरियाणा कर्मचारी महासंघ करेगा, जिसे संभालना स्थानीय प्रशासन की पहुंच से बाहर होगा। 
ईंट भट्ठा एसोसिएशन दे दिया समर्थन
ईंट भट्ठा एसोएिशन ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ धरने पर बैठे पत्रकारों का समर्थन किया। प्रमुख भट्ठा व्यवसायी भीम झूंथरा रविवार को धरने में पहुंचे और उन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों की लड़ाई में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की यह लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जिसमें वे तन, मन व धन से सहयोग करेंगे।
परिषद के भ्रष्ट कर्मचारी पुलिस से टकराव के मूड में 
घपले-घोटालों पर परदा डालने के लिए नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारी नया षड़्यंत्र रच सकते हैं। भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा हर दिन नया-नया ड्रामा रचा जा रहा है। भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा भोले-भाले इमानदार लोगों को उकसाया जा रहा है। अपनी खाल बचाने के लिए उसे अनको आगे किया जा रहा है, ताकि जांच में बाधा उत्पन्न किया जा सके और किसी तरह फाइल पुलिस के पास न पहुंचे। पुलिस के खिलाफ गलत संदेश फैसला उनको भ्रमित किया जा रहा है। शनिवार व रविवार के दिन दफ्तरों में अवकाश होने की वजह से पुलिस रिकार्ड हासिल नहीं कर पाई। सोमवार को पुलिस रिकार्ड हासिल करने नगर परिषद जाएंगी। आंशका यह जताई जा रही है कि भ्रष्ट कर्मचारी व अधिकारी इन भोले भाले इमानदार लोगों को आगे करेंगे और पुलिस का विरोध करेंगे। हालांकि पुलिस का कहना है कि वह किसी विरोध से डरने वाले नहीं है। भोले भालेे कर्मचारियों व लोगों को भड़काने का मामला उनके सामने आता है तो वह दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई करेंगे। 
घपले-घोटालों पर परदा डालने के लिए रच सकते हैं नया षड़्यंत्र  
हिसार के बरूवाली स्थित सतलोक आश्रम में बाबा रामपाल की कहानी किसी याद नहीं। अपने अनुयायियों को आगे कर रामपाल पुलिस से बचने के लिए कई दिनों तक नौटंकी करता रहा। उसी प्रकार नगर परिषद के भ्रष्ट कर्मचारी व अधिकारी पुलिस सेे बचने के लिए नौटंकी कर रहा है। हर दिन नए-नए हथकंड़े अपनये जा रहे हैं। ईमानदार कर्मचारियों को आगे किया जा रहा है। उसेे भड़काया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई में व्यवधान डालने के लिए उनको खड़ा किया जा रहा है। रिकार्ड न देने के लिए तरह तरह के बहाने बनाये जा रहे हैं। पुलिस के खिलाफ इन लोगों को आगे किया जा रहा है। लेकिन यह भी याद रहे कि रामपाल अब जेल में है और उस पर अनुयायियों को भड़काने का भी मामला दर्ज है। 
ठेकेदारों पर भी गाज गिरना तय, मचने लगा हड़कंप 
नगर परिषद के भ्रष्ट कर्मचारी व अधिकारी जिन ठेकेदारों के माध्यम से फर्जी गली का निर्माण कर लाखों रुपये की राशि डकार गए उनका भी फंसना तय माना जा रहा है। पुलिस जांच में ठेकेदार भी संदेह के घेरे में हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार केवल एक ठेकेदार इस फर्जीवाड़ा में शामिल नहीं हैं। कई ठेकेदार इसमें शामिल है। इन सभी की भूमिका की जांच की जा रही है। इन सभी से पूछताछ की जा सकती है। इससे ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। ठेकेदार अपनी खाल बचानेे में जुटे हुए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कुछ ठेकेदार फरार हो चुके हैं और कुछ पैरवी लगा रहे हैं। लेकिन इनका अब बचना नामुमकीन लगने  लगा है। 

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