पत्रकारों की भूख हड़ताल रही जारी, पुलिस के हत्थे चढ़ा नगर परिषद के भ्रष्ट ईओ बीएन भारती!

सिरसा(प्रैसवार्ता)।  नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकारों, व्यापारियों व समाज सेवियों द्वारा शुरू की गई क्रमिक भूख हड़ताल पांचवे दिन भी जारी रही। पांचवे दिन हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष रोशन लाल गोयल, हरियाणा पंजाबी सभ्याचार मंच के प्रांतीय महासचिव देवेंद्र टक्कर, फ्रीलांस जर्नलिस्ट राजेश सतीजा, पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी, पत्रकार अंजनी गोयल भूख हड़ताल पर बैठे। भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी ने बताया कि पिछले पांच दिन से थाना शहर के समक्ष क्रमिक अनशन जारी है लेकिन नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारी आज भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि स्टेट विजिलेंस द्वारा वर्ष 2009-10 व 2010-11 के दौरान बनाई गई 128 गलियों की जांच में धांधली साबित कर चुकी है। विजिलेंस की ओर से तत्कालीन जेई अशोक कुमार, जेई मनीश कुमार, जेई जगदीश, एमई रमेश कुमार, एमई फूल चंद व ईओ नेकीराम बिश्रोई के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 466, 467, 468, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज करने की अनुशंसा की थी। स्टेट विजिलेंस नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों से लाखों रुपये की रिकवरी करने की अनुशंसा भी कर चुकी है लेकिन सरकार ने इन भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए जरूरी है कि स्टेट विजिलेंस द्वारा दोषी ठहराए गए सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी हो। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी आश्रम वाली गली का ही फर्ज निर्माण्हे धरने का समर्थन किया और धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार करने में हिचक रही है सरकार
व्यापारी नेता मा. रोशन लाल गोयल ने कहा कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार करने में हिचक रही है। पुलिस की ओर से 18 जून को दर्ज किए गए मामले में नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है और विभाग के भ्रष्ट अधिकारी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल भ्रष्टाचार की इस लड़ाई में पत्रकारों के साथ है। भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से ही सिरसा शहर की दुर्गति हुई है। 
भ्रष्टाचारियों की वजह से नहीं हुआ विकास
हरियाणा पंजाबी सभ्याचार मंच के प्रांतीय महासचिव देवेंद्र टक्कर ने कहा कि उनकी संस्था अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर भ्रष्टाचार की इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चली है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की वजह से हरेक को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर की तमाम टूटी हुई गलियां, सड़कें व ठप स्ट्रीट लाइट की वजह से शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोगों की इस परेशानी की एक ही वजह है नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारी। उन्होंने कहा कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल नहीं कसी जाती तब तक शहर का विकास संभव नहीं है। 
आम आदमी पार्टी ने किया धरने का समर्थन
नगर परिषद के घपले-घोटालों पर चोट करने वाले आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज थाना शहर के समक्ष अनशन व धरने का समर्थन किया। आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता वीरेंद्र कुमार एडवोकेट, दलीप रायपुरिया, गुरमुख सिंह, राकेश भारती, जीत सिंह अबूतगढ़, सचिन तनेजा, दलीप गिंदड़ा, राजन मेहता व अन्य कार्यकर्ता धरने में शामिल हुए। आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता वीरेंद्र कुमार एडवोकेट ने कहा कि नगर परिषद के घपले घोटाले जगजाहिर हैं। जिला प्रशासन द्वारा नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई और अब आरोपियों को बचाने के तरीके ढूंढे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 18 जून को दर्ज हुए मामले में नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी में विलंब भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने में सरकार की विफलता जाहिर करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों को अविलंब गिरफ्तार करें। उधर हरियाणा किसान मंच के जिला प्रधान संदीप सींवर ने भी नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ दिये जा रहे धरने का समर्थन किया और धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
ईओ बीएन भारती को पुलिस ने किया गिरफ्तार!
अपने कार्यकाल में घपले-घोटालों का नया रिकार्ड कायम करने वाले ईओ बीएन भारती पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। फर्जी गली निर्माण मामले में ईओ भारती आरोपी हैं। हालांकि पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। भ्रष्टाचार की शिकायतों के कारण उनका सिरसा से नारनौल तबादला कर दिया गया था। उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की अलग-अलग पार्टियां नारनौल व उनके पैतृक गांव चांग (भिवानी) में दबिश दे रही थी। सूत्र बताते हैं कि ईओ बीएन भारती पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए अवकाश पर चल रहे थे और इन दिनों झज्जर में अपने किसी रिश्तेदार के पास छिपे हुए थे। उन्होंने पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना मोबाइल और सिम कार्ड घर पर ही रख छोड़ा था ताकि पुलिस उनकी लोकेशन हासिल न कर पाए। भारती की तमाम कोशिशें नाकामयाब साबित हुई।  उल्लेखनीय है कि बीएन भारती ने सिरसा में अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के नए रिकार्ड कायम किए। उन्होंने गलियों, सड़कों व अन्य निर्माण कार्र्यों के बदले में खुलेआम दस प्रतिशत तक कमीशन बटोरना शुरू कर दिया था। शहर में नक्शा पास करवाने के बदले मोटी घूस वसूलनी शुरू कर दी थी। अतिक्रमण हटाने के नाम पर उन्होंने लाखों रुपये का सामान जब्त किया और उसे अपने पैतृक गांव चांग पहुंचाया। स्लम बस्ती में स्ट्रीट लाइट के लिए खरीदे गए बिजली के खंभों को उन्होंने कटवाकर नगर परिषद की ट्राली में अपने गांव पहुंचाया ताकि तबेले में पशुओं को बांधा जा सके। ईओ भारती ने बस स्टेंड के बाहर गन्ने का जूस लगाने वाले एक विकलांग की रेहड़ी को जब्त किया और उसका इंजन अपने गांव चांग पहुंचा दिया। ईओ भारती ने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार के जनक ईओ नेकीराम बिश्रोई को भी बौना साबित कर दिया। फर्जी गली निर्माण मामले में ईओ बीएन भारती की गिरफ्तारी के साथ ही नगर परिषद में करोड़ों रुपये के घोटालों से पर्दा छंटने की उम्मीद जगी है। 

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