शहर थाना के बाहर दसवें दिन भी अनशन व धरना जारी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दस दिनों से धरना व अनशन दिया जाना सरकार की भ्रष्टाचार के मामले में विफलता साबित करता है। भ्रष्टाचार के खात्मे की बात की जाती है और स्टेट विजिलेंस द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की दी गई रिपोर्ट को दबाया जाता है। उक्त उद्गार सर्व कर्मचारी संघ सिरसा के वरिष्ठ उप प्रधान एवं नहर पटवार संघ के जिला प्रधान अशोक कुमार पटवारी ने रविवार को धरना व अनशनरत लोगों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।  उन्होंने कहा कि सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार चोट करनी चाहिए थी मगर जिस प्रका का रवैया सरकार ने अपनाया हुआ है उससे सरकार की नीयत साफ हो गई है। उन्होंने कहा कि फर्जी गली निर्माण के मामले में एक माह बीत जाने के बावजूद आरोपी अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पत्रकार, व्यापारी, कर्मचारी व अन्य संगठनों के लोग पिछले दस दिनों से थाना शहर के समक्ष भूख हड़ताल व अनशन पर बैठे हैं। जबकि स्टेट विजिलेंस द्वारा नगर परिषद के अधिकारियों के खिलाफ की गई रिपोर्ट पर तीन माह से अधिक समय बीतने पर भी अमल नहीं किया गया है। स्टेट विजिलेंस अपनी जांच के बाद नगर परिषद के जेई, एमई व ईओ को दोषी करार दे चुकी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन भ्रष्टाचार की इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर साथ हैं।  चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान नंदन सिंह टडियाल ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से शहर का बुरा हाल हुआ है। शहर की तमाम गलियां व सड़कें टूटी हुई हैं। इनमें निर्माण में बरती गई भारी धांधली सिद्ध हो चुकी है। इसके बावजूद भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होना शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन भ्रष्टाचार की इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगा।  पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी ने कहा कि स्टेट विजिलेंस द्वारा नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों के चेहरे बेनकाब किए जा चुके हैं। विजिलेंस अपनी रिपोर्ट में जेई मनीष, जेई जगदीश, जेई अशोक, एमई रमेश कुमार, एमई फूल चंद व ईओ नेकीराम बिश्रोई को दोषी करार दे चुकी है। विजिलेंस की ओर से नगर परिषद के इन अधिकारियों से लाखों रुपये की वसूली किए जाने और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज करने की अनुशंसा की है। बावजूद इसके इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। उन्होंने कहा कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती थाना शहर के समक्ष क्रमिक अनशन व धरना यूं ही जारी रहेगा। 

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