नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में थाना शहर के समक्ष पत्रकारों ने दिया धरना

सिरसा(प्रैसवार्ता)। शहर थाना सिरसा के समक्ष पत्रकारों द्वारा दिए जा रहे धरने के दौरान पुलिस ने फर्जी गली निर्माण मामले में पांच लोगों के नाम सार्वजनिक किए। धरनारत पत्रकारों व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शहर थाना प्रभारी सुभाष बिश्रोई ने बताया कि एफआईआर संख्या 461 के मामले में पुलिस की तफ्तीश जारी है। पुलिस ने शुरूआती जांच में नगर परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुक्कू, नगर परिषद के तत्कालीन ईओ बीएन भारती, एमई सुबेर सिंह, जेई अरुण कुमार, ठेकेदार उमेश गुप्ता तथा पंचायतीराज विभाग के कार्यकारी अभियंता धर्मवीर दहिया के नाम सामने आए हैं। आरोपियों को नोटिस दिए जाएंगे। उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और जो भी दोषी होंगे उनको गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने मामले में 15 दिन की मोहल्लत मांगी। थाना प्रभारी सुभाष बिश्रोई ने विश्वास दिलाया कि गली के फर्जी निर्माण मामले में कोई भी आरोपी अग्रिम जमानत हासिल नहीं कर पाएगा। पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सजा दिलवाएगी। पुलिस के इस आश्वासन पर धरनारत पत्रकार सहमत नहीं हुए। उन्होंने 18 जून को दर्ज एफआईआर पर अविलंब कार्रवाई की मांग की। 

भाजपा का असली चेहरा सामने आया : शर्मा

                प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की बीजेपी सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश कर रही है। भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में भ्रष्टाचार के खात्मे की बात कहने वाले भाजपा नेताओं का सच सामने आ गया है। शहर में गलियों का फर्जी निर्माण होता है और 15 दिन के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है। शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश में जुटी हुई है। 

ऐतिहासिक संदेश दे गया पत्रकारों का धरना

        थाना शहर सिरसा के समक्ष पत्रकारों द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ दिया गया धरना ऐतिहासिक संदेश दे गया। थाना शहर के निर्माण के बाद से आज तक कभी इसके समक्ष कभी धरना नहीं दिया गया था। सिटी थाना रोड के दुकानदार ने बताया कि 21 वर्षों से वे यहां दुकान कर रहे हैं मगर उन्होंने कभी धरना नहीं देखा। प्रदर्शन, जुलूस तो अवश्य हुए लेकिन पहली बार किसी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना दिया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से हर वर्ग परेशान है और पुलिस को भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। थाने के समक्ष दिए गए इस धरने में महिलाओं व युवतियों की भी उपस्थिति रही जो जनहित के उद्देश्य को लेकर धरने पर बैठे। 


बदले जाएंगे जांच अधिकारी भूदेव सिंह

          एक पखवाड़ा बीत जाने के बावजूद फर्जी गली निर्माण मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर जांच अधिकारी को बदलने की मांग उठी। पुलिस ने बस अड्डा चौकी प्रभारी भूदेव सिंह को इस मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया हुआ है। धरनारत पत्रकारों ने पुलिस जांच पर असंतोष जताया और उसे आरोपियों को शह देना बताया। थाना शहर प्रभारी सुभाष बिश्रोई ने मामले के जांच अधिकारी भूदेव सिंह को बदलने का आश्वासन दिया और अपनी निगरानी में शीघ्र जांच पूरी करने का भरोसा दिलाया। 

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