सरकार की मंशा भ्रष्टाचार खत्म करने की नहीं : गोयल

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को 12वें दिन भी थाना शहर के समक्ष क्रमिक अनशन व धरना जारी रहा। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान मदन लाल खोथ व मां दुर्गा समाज सेवा संस्था के प्रधान रमेश कटारिया, पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी, पत्रकार अंजनी गोयल व पत्रकार राजेश सतीजा अनशन पर रहे। धरनारत लोगों को संबोधित करते हुए हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष मा. रोशन लाल गोयल ने कहा कि सीएम मनोहरलाल खट्टर व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सिरसा प्रवास के बावजूद भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना व क्रमिक अनशन का जारी रहना यह साबित करता है कि सरकार की मंशा भ्रष्टाचार के खात्मे की नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं। भ्रष्ट अधिकारी सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए जारी राशि को डकार चुके हैं। जिसकी वजह से सिरसा बदहाल है।  जिला मानिटरिंग कमेटी के पूर्व सदस्य आनंद बियानी ने कहा कि नगर परिषद के भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय कराए जाने की जरूरत है। भ्रष्टाचार के इस मामले में उन नगर पार्षदों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए जिनके वार्डों की गलियों के निर्माण में धांधली बरती गई है। बियानी ने कहा कि सरकार द्वारा नगर पार्षदों को मानिटरिंग कमेटी का मेंबर बनाया गया है। ऐसे में यदि किसी गली के निर्माण में धांधली बरती गई तो उस वार्ड का पार्षद भी बराबर का जिम्मेवार है।  हरियाणा रोडवेज सिरसा डिपो के प्रधान मदन लाल खोथ ने कहा कि सरकार बेशर्मी का लबादा ओढ चुकी है। नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिछले 12 दिन से जिला के पत्रकार, व्यापारी, कर्मचारी व समाजसेवी अनशन व धरनारत हैं। लेकिन प्रशासन भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। 18 जून को दर्ज मामले में मात्र दो अधिकारियों की ही गिरफ्तारी हुई है। जबकि शेष आरोपी खुले घूम रहे हैं।  हरियाणा व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष हीरालाल शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार की वजह से शहर की बदहाली हुई है। गलियों व सड़कों के निर्माण में जमकर धांधली बरती गई जिसकी वजह से अल्प समय में ही नई बनी गलियां व सड़क टूट गई। उन्होंने कहा कि गलियों व सड़कों के निर्माण के समय लेवल का हिसाब नहीं देखा गया जिसके कारण दुकानों के आगे बरसाती पानी जमा हो जाता है। उन्होंने कहा कि गलियों व सड़कों के निर्माण में धांधली बरतने वालों के खिलाफ सरकार को स्वयं कार्रवाई करनी चाहिए थी लेकिन वह भ्रष््रट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पीछे हट रही है।  जय मां दुर्र्गा समाजसेवा संस्था के प्रधान रमेश कटारिया ने कहा कि भ्रष्टाचार की इस लड़ाई में समाजसेवी संस्थाएं बराबर की शरीक हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की वजह से हर व्यक्ति को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा तभी समाज से भ्रष्टाचार का यह रोग खत्म होगा। पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खात्मे की बात कही जाती है लेकिन स्टेट विजिलेंस द्वारा अपनी जांच के उपरांत नगर परिषद के आधा दर्जन अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए लाखों रुपये की रिकवरी की अनुशंसा की है। गलियों के निर्माण में धांधली बरतने वाले इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की अनुशंसा भी की है। लेकिन सरकार द्वारा ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तीन माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद अमल में नहीं लाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को विजिलेंस की रिपोर्ट पर अविलंब कार्रवाई करनी चाहिए।  क्रमिक अनशन के 12वें दिन व्यापारी नेता मोहन जीत सिंह, जयप्रकाश भोलूसरिया, रामचंद्र, बिशंबर शर्मा, सतीश कुमार शर्मा, सुशील कुमार, सुरेंद्र साहुवाला एडवोकेट, ललित मोहन गोयल, हरियाणा पंजाबी मंच के प्रांतीय महासचिव देवेंद्र टक्कर, सीनू महंत, पत्रकार योगेश मुदगिल, पत्रकार आकाश चाचान, पत्रकार प्रवीण कटारिया, पत्रकार सोनिया खत्री, पत्रकार दीपिका, पत्रकार नरेश अरोड़ा, पत्रकार राजेश मेहता, बजरंग वर्मा, कर्ण तंवर, मान सिंह, रामचंद्र, राजेश कस्वां, सुरजीत कुमार अरोड़ा, पत्रकार मुख्तयार सिंह शामिल हुए। 
कंप्यूटर टीचरों पर लाठीचार्ज निंदनीय : खोथ
हरियाणा रोडवेज सिरसा डिपो के प्रधान मदन लाल खोथ ने पंचकुला में कंप्यूटर शिक्षकों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार को कंप्यूटर शिक्षकों की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उनकी समस्या का समाधान करना चाहिए। जिस प्रकार जनता को शांतिपूर्वक आंदोलन करने के लिए कहा जाता है ठीक उसी प्रकार सरकार को भी वार्तालाप के माध्यम से बातचीत करनी चाहिए। लाठीचार्ज किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले कंप्यूटर टीचरों पर लाठीचार्ज व वाटर कैनन का प्रयोग दमनात्मक क्रिया है जो कि बर्दाश्त योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा रोडवेज इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करती है। 
जनता की आवाज बुलंद करने पर पत्रकार दीपिका सम्मानित
नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलनरत पत्रकार दीपिका को आज हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। यूनियन के जिला प्रधान मदन लाल खोथ, सचिव सुरजीत अरोड़ा, गुरादित्ता कंबोज, चांदराम, अशोक पटवारी, नंदन सिंह टडियाल, राजकुमार कैरांवाली व अन्य ने पत्रकार दीपिका को भ्रष्टाचार की आवाज बुलंद करने के लिए सम्मानित किया। कर्मचारी नेता मदन लाल खोथ ने कहा कि दीपिका ने सच्चे पत्रकार की भांति सिरसा वासियों की आवाज को बुलंद करने का काम किया। उन्हें पुलिस व प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखने से रोका गया इसके बावजूद उन्होंने बेखौफ होकर सिरसा जिला वासियों की आवाज मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों का चिट्ठा सीएम के समक्ष खोला। रोडवेज कर्मचारी यूनियन ऐसे प्रखर व बेखौफ जनता की आवाज बुलंद करने वाले पत्रकारों को सम्मानित कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता है। कर्मचारी नेताओं ने थाना शहर के समक्ष धरनास्थल पर पत्रकार दीपिका को सम्मानित किया। 
सीएम ने दिया भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विश्वास दिलाया कि नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि विजिलेंस की रिपोर्ट पर शीघ्र कार्रवाई होगी और भ्रष्ट अधिकारी सलाखों के पीछे होंगे।  चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के सभागार में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने इस आशय का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री के समक्ष स्टेट विजिलेंस की रिपोर्ट पर कार्रवाई न होने की बात रखी गई। मुख्यमंत्री ने स्टेट विजिलेंस की रिपोर्ट से अनभिज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा कि वे स्टेट विजिलेंस की रिपोर्ट को तलब करेंगे ओर रिपोर्ट अनुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है। भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यहां उल्लेखनीय है कि स्टेट विजिलेंस द्वारा वर्ष 2009-10 व 2010-11 के दौरान गलियों के निर्माण मामले में लाखों रुपये का घोटाला सिद्ध कर चुकी है। विजिलेंस की ओर से तत्कालीन ईओ नेकीराम बिश्रोई, एमई फूल सिंह व रमेश कुमार तथा जेई मनीष, जगदीश व अशोक को दोषी करार दे चुकी है। विजिलेंस की ओर से इन अधिकारियों से लाखों रुपये की रिकवरी करने और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत मामला दर्ज करने की भी अनुशंसा कर चुकी है। स्टेट विजिलेंस की यह रिपोर्ट पिछले तीन महीने से सीएम कार्यालय में लंबित पड़ी है।  पत्रकारवार्ता के दौरान सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री खट्टर ने गली ब्रह्माकुमारीज आश्रम वाली के फर्जी निर्माण मामले में यह भी विश्वास दिलाया कि कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल पाएगी और सभी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे को डकारने वाले को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। 
प्रशासन ने की आवाज दबाने की कोशिश
नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों को मामला दर्ज होने के एक माह बाद भी गिरफ्तार न कर पाने वाले पुलिस व प्रशासन की ओर से सोमवार को इस आशय की जोर आजमाइश की गई कि मुख्यमंत्री के समक्ष भ्रष्टाचार का यह मामला उठ न पाए। पिछले 11 दिनों से अनशन व धरने में शरीक होने वाली महिला पत्रकार दीपिका को पुलिस की ओर से पत्रकारवार्ता में शामिल होने से रोका गया। सीएम के समक्ष शहर की जनता की आवाज को उठाने से उन्हें रोका गया। महिला कांस्टेबल ने उन्हें घेर लिया और कक्ष में जाने से रोका गया। पुलिस सिक्योरिटी सख्त की गई थी ताकि सीएम के समक्ष नगर परिषद के भ्रष्टाचार का मामला उठने से रोका जा सके। सोमवार को हाईप्रोफाइल ड्रामा चला लेकिन महिला पत्रकार दीपिका व उनकी साथी सोनिया खत्री पत्रकारकक्ष में पहुंची और उन्होंने नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में हो रही देरी की बात मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष रखी। सीएम ने उनकी बात सुनी और कार्रवाई का भी भरोसा ्रदिलाया। 

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