हर जुबां ने "गुड्डू" के लिए मांगा इंसाफ

प्रैसवार्ता न्यूज: सिरसा(हर्ष अग्रवाल)। किसी ने ठीक ही कहा है कि मैं अकेला ही चला था लोग साथ चलते गए और काफिला बढ़ता गया। ये बात उस वक्त सच साबित होती दिखाई दी, जब सिरसा की एक नवविवाहित की हत्या के विरोध में जनता सड़कों पर दिखी। ये वो मंजर था जिसमें ना कोई नेता था ना कोई व्यापारी था और ना कोई खास था सब इंसान थे और सब के जहन में थी गुड्डू (दीपाली) और जुबान पर था कि दीपाली को इंसाफ दो।
जिस घर को बसाने का सपना संजोय बैठी थी वो उसे क्या पता था वहीं उसकी चिता बनेगी। बठिंडा में दहेज हत्या की शिकार के बाद हर वर्ग में गुस्सा है। यंग ही नहीं कम उम्र बच्चों में भी घटना को लेकर रोष है। बुधवार देर शाम को सिंगला हाऊस से कैंडल मार्च निकाला। रेस्ट इन पीस, जस्टिस फॉर दिपाली जैसे सलोगल लिखे बैनर हाथों में लिए जनता सड़कों पर उतरी। हर हाथों में मोमबत्ती लिए लोगो ने गलत बातें बर्दाशत न करने की कसम खाई।
विश्व के सबसे बडे लोकतंत्र वाले देश भारत में जहां नारी को ईश्वर के बाद सबसे बड़ा दर्जा दिया गया है वहीं नारियों का शोषण सबसे बड़ा चिंता का बिषय बना हुआ है।
देखना यह है कि क्या देश में नारियों का शोषण एसे ही होता रहेगा क्या महिलाए दहेज हत्या की ऐसे ही बली चढ़ती रहेंगी और क्या दीपाली को इंसाफ मिलेगा?

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