गांव फूलकां में 7 दिवसीय श्री मद्भागवत कथा शुरू

26 तक चलेगी कथा, 27 को होगा भंडारा, जल्द होगा तूडी के शैड का निर्माण

सिरसा(प्रैसवार्ता)। श्रीमद्भागवत कल्पवृक्ष की ही तरह है, यह हमें सत्य से परिचय कराता है। कलयुग में तो श्रीमद् भागवत कथा की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि मृत्यु जैसे सत्य से हमें यही अवगत कराता है। उक्त उद्गार ऋषिकेश से आए स्वामी सदाशिव नित्यानंद ने गांव फूलकां स्थित गौशाला में 7 दिवसीय श्री मद्भागवत कथा के प्रथम दिन उपस्थित जनसमूह में व्यक्त किए। प्रथम दिन  श्रीमति मंजू चोयल नंबरदारनी, चौ. मुखराम साहरण (बाजेकां), चौ. भगवाना राम कंबोज (बाजेकां) ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।  ग्रामीणों ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा 26 अगस्त तक चलेगी और 27 अगस्त को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस बीच तूडी के शैड का भी गौशाला में निर्माण करवाया जाएगा, ताकि गऊओं को कोई दिक्कत न आए।  कथा में सत्संग के महत्व से अवगत करवाते हुए स्वामी सदाशिव नित्यानंद ने कहा कि सत्संग से व्यक्ति क्या नहीं कर सकता। सतसंगति कथन किम न करोति सत्संग यानि अच्छा संग क्या नहीं कर सकता, पर चर्चा करते हुए स्वामी ने कहा कि अच्छे संग को गोकर्ण माना गया है और बुरे संग को धुंधकारी बताया जिसका परिणाम अंत में पतन होना सुनिश्चित है। इसलिए सदैव सत्संग का सहारा लें। कथा में राजा परिक्षित का जन्म सात रोज में मृत्यु को प्राप्त होना, सप्ताह के दिन भी सात होते है। संसार में मृत्यु भी सात दिन में होती है। इसलिए ईश्वर और मौत को हमेशा याद रखें। इस अवसर पर अनके धर्मप्रेमी मौजूद रहे।

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