इनैलों में सेंधमारी के लिए भाजपाई संगठन में बदलाव की तैयारी - The Pressvarta Trust

Breaking

Saturday, August 1, 2015

इनैलों में सेंधमारी के लिए भाजपाई संगठन में बदलाव की तैयारी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले हरियाणा के जिला सिरसा में भाजपा ने इनैलो में सेंधमारी करने के लिए संगठन में रद्दोबदल की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि भाजपाई संगठन को मजबूती देने के साथ साथ इनैलो से राजनीतिक मुकाबला किया जा सके। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार सिरसा संसदीय क्षेत्र तथा सिरसा जिला के पांच विधानसभा क्षेत्रों पर इनैलो का कब्जा है और एक लंबे समय से सत्ता से दूर रहने के कारण इनैलो से जुड़े या तो चुप्पी साधे हुए है या फिर किसी नए प्लेटफार्म की तलाश में है। भाजपा के मौजूदा जिलाध्यक्ष अमीर चंद मेहता को प्रांतीय संगठन में शामिल करके जिला की कमान किसी ऐसे चेहरे को सौंपी जा सकती है, जो हर प्रकार से अपनी जिम्मेवारी निभाने में सक्षम है। भाजपाई कमान को लेकर देव कुमार शर्मा, यतिन्द्र सिंह एडवोकेट व पवन बैनीवाल के नाम चर्चा में है। देव कुमार शर्मा युवा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रह चुुके है तथा हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में डबवाली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुके है। यतिन्द्र सिंह एक अधिवक्ता है तथा सिरसा शहर से तालुक्क रखते है, जबकि पवन बैनीवाल, जिन्हें कभी इनैलो नेता अभय चौटाला का दायां हाथ समझा जाता था, ने इनैलो से अलविदाई लेेकर भाजपा की टिकट पर अभय चौटाला के सामने ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर 57263 वोट हासिल किए थे, जबकि इस विधानसभा क्षेत्र से 2009 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अमीर चंद मेहता को मात्र 3617 वोट मिले थे। भाजपा के मौजूदा जिलाध्यक्ष अमीर चंद मेहता सिरसा से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम तलवाड़ा में रहते है, जबकि पवन बैनीवाल शहर सिरसा से मात्र 10 किलोमीटर दूर ग्राम दड़बा कलां के निवासी है, जो साधन संपन्न, आर्थिक रूप से मजबूत तथा जिला मुख्यालय के करीब रहते है। इनैलो में सेंधमारी में बैनीवाल ही सक्षम कहे जा सकते है, क्योंकि वह लंबे समय से इनैलो से जुड़े रहे है। भाजपा का जिला सिरसा में कितना जनाधार है, जगजाहिर है, मगर भाजपा आलाकमान अपना ग्राफ बढ़ाने की फिराक में है, जिसके लिए राजनीति सेंधमारी की भारी जरूरत है। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की तरह भाजपा सिरसा में भी गुटबाजी की चपेट में है, जिसका खामियाजा भाजपाईयों को भुगतना पड़ रहा है। हरियाणा के अस्तित्व में आने से लेकर वर्तमान तक विधानसभा में एक-दो बार को छोड़कर अग्रवाल तथा पंजाबी समुदाय ने ही अपनी दस्तक दी है और अब भी भाजपा के एक वर्ग का नेतृृत्व अग्रवाल समुदाय के भाजपाई दिग्गज कर रहे है, तो पंजाबी समुदाय के चौधरी भी एक भाजपाई दिग्गज बने हुए है। कांग्रेस का आपसी कलह और भाजपा की दो वर्गों में बंटी चौधराहट क्या इनैलो में सेंधमारी में सफल हो सकते है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर भाजपा की संभावित रणनीति से इनैलो जरूर सकते में है।

No comments:

Post a Comment

Pages