शहीदों के अरमानों पर पानी फेरा, दावे विदेशों से कालाधन लाने के, सिरसा में नहीं पकड़े जा रहे भ्रष्ट अधिकारी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रविवार को 24वें दिन क्रमिक अनशन व धरना दिया गया। वक्ताओं ने 18 जून को दर्ज हुए मामले में नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी न होने पर रोष जताया और इसे पुलिस प्रशासन की विफलता बताया। रविवार को आल इंडिया आदि धर्म मिशन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सतनाम सिंह सोहल, वार्ड नंबर 11 शिव नगर के समाजसेवी राधेश्याम सैनी, केबीसी न्यूज चैनल के पूर्व हरियाणा ब्यूरो चीफ कमल सिंगला, पत्रकार अमनदीप बांसल रानियां, पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी, पत्रकार राजेश सतीजा व पत्रकार अंजनी गोयल अनशन पर रहे।  हरियाणा रोडवेज सिरसा डिपो के सचिव सुरजीत अरोड़ा ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों ने शहीदों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। भ्रष्ट तंत्र के हावी होने की वजह से लोगों को सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। फर्जी गली निर्माण करने वालों के खिलाफ डेढ़ माह पूर्व दर्ज हुए मामले में गिरफ्तारी न होना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि शहीदों ने देश वासियों के लिए ऐसे राष्ट्र की कल्पना की थी जिसमें सभी को समान रूप से अधिकार मिलेगा। भ्रष्टाचार मुक्त शासन होगा। गरीबों का उत्थान होगा। लेकिन भ्रष्ट अधिकारी शहीदों के अरमानों पर पानी फेर रहे हैं। लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई योजनाओं की राशि को डकार गए हैं और भ्रष्ट तंत्र के चलते वे खुले घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे अधिक पीड़ादायक बात क्या हो सकती है कि भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पत्रकारों, व्यापारियों, कर्मचारियों व समाजसेवियों को धरना देना पड़े। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी में हो रहे विलंब से पुलिस प्रशासन की पोल खुल रही है।  वार्ड नंबर 11 शिव नगर के समाजसेवी राधेश्याम सैनी ने कहा कि प्रशासन सोया हुआ है। भ्रष्ट अधिकारी शहर में भ्रष्टाचार का नंगा नाच करते रहे, करोड़ों रुपये का घोटाला कर गए, गलियों व सड़कों के निर्माण में जमकर धांधली की। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार को स्वयं कार्रवाई अमल में लानी चाहिए थी। भ्रष्ट लोगों को चुन-चुनकर सलाखों के पीछे भेजना चाहिए था लेकिन प्रशासन का रवैया भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने वाला प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि 18 जून को दर्ज हुए मामले में पुलिस केवल जेई व एमई को ही गिरफ्तार कर सकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्ता बदली लेकिन भ्रष्टाचारियों का राज आज भी बरकरार है।  इंटरनेशनल ह्यूमन राइट कौंसिल के जिला सचिव अमरजीत सिंह सोहल ने कहा कि चुनाव के समय विदेशों में जमा कालाधन को लाने का दावा किया गया था लेकिन सरकार सिरसा में जमे भ्रष्ट अधिकारियों को ही गिरफ्तार नहीं कर पाई है। स्टेट विजिलेंस भ्रष्ट अधिकारियों से लाखों रुपये की रिकवरी करने की अनुशंसा कर चुकी है लेकिन ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों से एक पाई भी रिकवर नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि कालाधन लाने की बात जुमला साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होना सरकार की मंशा साबित कर रहा है।  पत्रकार अमनदीप बांसल ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई इस मुहिम के सार्थक परिणाम सामने आए हैं। लोग घपले घोटालों के खिलाफ आवाज बुलंद करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार द्वारा भ्रष्टाचार मुक्ति की दिशा में कदम उठाये जाते हैं तो अन्य विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार भी खुलकर सामने आने लगेगा। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जिस प्रकार का रवैया पुलिस व प्रशासन द्वारा अपनाया जा रहा है उससे भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का दोहरा सामने आ चुका है। धरनारत लोगों को हरियाणा रोडवेज सिरसा डिपो प्रधान मदन लाल खोथ, कैशियर गुरादित्ता कंबोज, हरियाणा पंजाबी मंच के प्रांतीय महासचिव देवेंद्र टक्कर व अन्य ने संबोधित किया। धरने में मिडिल स्टार के संपादक अरुण बंसल, पत्रकार मुख्तयार सिंह, पत्रकार रमेश गंभीर, समाजसेवी रमेश कटारिया, पत्रकार आकाश चाचान, राजेश कुमार, बजरंग वर्मा, पत्रकार सोनिया खत्री, पत्रकार दीपिका, राजकुमार, कमल मेहता, देशबंधु, रामअवतार, रामचंद्र बनीवाला, ह्यूमन राइट कौंसिल के लीगल एडवाइजर नायब सिंह थिराज व अन्य मौजूद रहे।
डबवाली में भी नपेंगे सिरसा के भ्रष्ट अधिकारी
नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों पर यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती तो सरकारी खजाने को लूटने से बचाया जा सकता था। भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ की गई शिकायत पर सुनवाई पर न होने की वजह से उनके हौसले बढ़ गए और उन्होंने बढ़-चढ़कर भ्रष्टाचार का खेल खेला। सिरसा नगर परिषद में भ्रष्टाचार का नंगा नाच कर चुके अनेक अधिकारियों का अन्य जगहों पर किए गए घपले घोटाले भी सामने आने लगे हैं। डबवाली नगर परिषद में करोड़ों रुपये के घोटालों में सिरसा नगर परिषद में घपले कर चुके अधिकारियों के चेहरे सामने आ चुके हैं। स्टेट विजिलेंस अपनी जांच में जिस एमई फूल सिंह व एमई रमेश कंबोज को दोषी करार दे चुकी है। डबवाली नगर परिषद में इन दोनों एमई के कार्यकाल में करोड़ों रुपये का घोटाला पकड़ा जा चुका है। इसके साथ ही गली ब्रह्माकुमारीज आश्रम वाली के फर्जी निर्माण मामले में पुलिस को वांछित ईओ बीएन भारती भी डबवाली घोटाले में सामने आए हैं। ईओ बीएन भारती को कुछ समय के लिए नगर परिषद डबवाली का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। अल्प समय में ही बीएन भारती ने यहां अपना रंग दिखा दिया। व्हीसल ब्लोअर गोपाल मित्तल द्वारा आरटीआई द्वारा जुटाई गई जानकारी के बाद की गई शिकायत में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आ चुका है। सीएम फ्लाइंग व एक्सपर्ट ने अपनी जांच में डबवाली में जगह-जगह घोटाला पाया है। इस मामले में शीघ्र ही आपराधिक मामला दर्ज किया जाना तय है। ऐसे में अग्रिम जमानत के लिए छिप रहे नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों का बचना मुश्किल है। गोपाल मित्तल ने ऐसे अधिकारियों के कार्यकाल में किए गए तमाम कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। 

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