विधायक मक्खन सिंगला अंडर मैट्रिक: नैना चौटाला कर रही एम.ए

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा सरकार द्वारा पंचायती चुनाव के लिए न्यूनतम शिक्षा योग्यता निर्धारित करने से मचे बवाल पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक से विराम लग गया है। राज्य की मौजूदा 90 सदस्यों वाली विधानसभा में तीन पीएचडी, 13 पोस्ट ग्रेजुएट, 52 ग्रेजुएट, 12 इंटर मीडियट, 6 मैट्रिक तथा चार अंडर मैट्रिक सदस्य है। अंडर मैट्रिक की कतार में सिरसा से इनैलो विधायक मक्खन सिंगला, इनैलो विधायक पृथ्वी सिंह तथा कांग्रेसी विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा है, जबकि इसी श्रेणी में पटौदी की भाजपाई विधायक बिमला चौधरी भी है, जो मात्र पांचवी पास है। राज्य के आधा दर्जन विधायक बक्शीश सिंह विर्क (मुख्य संसदीय सचिव हरियाणा), कृष्ण लाल पंवार (परिवहन मंत्री हरियाणा), इनैलो विधायक हरी चंद मिढ्ढा व जसविन्द्र संधु, अकाली विधायक बलकौर सिंह मैट्रिक पास है, जबकि इनैलो विधायक नैना सिंह चौटाला एमए कर रही है। मुख्यमंत्री हरियाणा सहित सभी मंत्री स्नातक है, वहीं कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक ला-ग्रेजुएट है। शिक्षामंत्री राम बिलास शर्मा तथा राज्य मंत्री नायब सैनी भी ला-ग्रेजुएट है, तो वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़, सहकारिता मंत्री कविता जैन, राज्यमंत्री कर्ण देव कंबोज तथा कृष्ण बेदी पोस्ट ग्रेजुएट है। इसी प्रकार हरियाणा की लोकसभा के 10 सदस्य है, जिनमें से सिरसा के सांसद दसवीं पास, रोहतक के सांसद एमबीए तथा शेष आठ सदस्य ग्रेजुएट है, जबकि राज्यसभा के पांच सदस्यों में से तीन ग्रेजुएट तथा दो पोस्ट ग्रेजुएट है।

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