रक्षाबंधन का तोहफा: कल होगा महिला थाना स्थापित, महिलाओं की शिकायत पर होगी तुरंत कार्रवाई


सिरसा(प्रैसवार्ता)। रक्षाबंधन के पर्व पर सरकार एक साथ पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर महिला थानों का शुभारंभ कर रही है। सिरसा में यह महिला थाना एफ ब्लॉक में कल, शुक्रवार को स्थापित होगा, जिसका शुभारंभ पंचायत विभाग के मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क करेंगे। महिला थाना को संभालने के   लिए पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने युवा महिला पुलिस अधिकारी को नियुक्त किया है, जिनसे जिले की महिलाओं की सुरक्षा की ज्यादा उम्मीदें रहेंगी। उनमें काम करने की क्षमता भी नजर आ रही है। पिछले दो महीन में उन्होंने महिला सैल में अधिकतर केसों का निपटारा किया है और उजडे हुए घरों को फिर से बसवा दिया है। यहां हम बात कर रहे सब इंस्पेक्टर सीमा की। वे सन् 2010 में हरियाणा पुलिस में बतौर सब इंस्पैक्टर भर्ती हुई थी। हिस्ट्री में एमए कर चुकी सीमा ने एलएलबी व डीएलएल भी किया है। वे बेसिकली महेंद्रगढ़ की रहने वाली है। इससे पूर्व फतेहाबाद में भी काम कर चुकी है। सिरसा में उन्होंने मई 2014 में ज्वाइन किया था। वे सिटी डबवाली के अलावा सिटी सिरसा  व पिछले दो महीनों से वूमन सैल के प्रभारी है। 

महिला विरूद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने में कारगर साबित होगा महिला थाना: डीसी
उपायुक्त निखिल गजराज का कहना है कि अक्सर देखा जाता है कि कई बार महिलाएं अपने उपर हो रहे अत्याचार या अपनी किसी बात को पुरुष पुलिस कर्मी के सामने पेश करती हुई संकोच करती है। प्रदेश सरकार का महिला थाना खोलने का उद्देश्य यही है कि महिलाएं बिना किसी संकोच के पुलिस को सही-सही जानकारी दे जिससे आरोपी को तुरन्त सजा दिलवाई जा सके। जिला में महिला थाना के खुलने सेे महिला के विरुद्ध अपराधों जैसे छेड़छाड़, बलात्कार, घरेलू हिंसा आदि मामलों में कमी आएगी तथा महिला विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने में कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि महिला थाना में सभी कर्मचारी व अधिकारी महिलाओं को ही तैनात किया जाएगा। इसके साथ-साथ गाडिय़ों की चालक भी महिला पुलिसकर्मी ही होगी।

हर सुविधा से लैस होगा महिला थाना: एसपी
पुलिस अधीक्षक श्री अश्विन शैणवी का कहना है कि महिला पुलिस थाना हर सुविधाओं से लैस होगा। इससे महिलाएं ऑनलाईन भी शिकायत दर्ज करवा सकेंगी। इस महिला थाना में एक कमरा उप पुलिस अधीक्षक का होगा तथा एक कमरा एसएचओ के अतिरिक्त एमएचसी रुम, रिकार्ड रुम, आईओ रुम, लॉकअप, बैरेक, कीचन, डायनिंग तथा रिडर रुम भी होगा। जिला की स्थापना एक सितम्बर 1975 को हुई थी। उस समय जिला की जनसख्ंया 3 लाख 76 हजार 602 थी तथा जिला में केवल 6 थाने स्थापित थे। वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार जिला की जनसंख्या 12 लाख 95 हजार 189 है। जिला में अब महिला थाना स्थापित होने के बाद थानों की संख्या 13 हो गई है। जिला मुख्यालय पर एफ ब्लाक में स्थापित इस महिला थाने के निर्माण पर 18 लाख 73 हजार रुपए की राशि खर्च हुई है। थाना की स्थापना में स्थानीय प्रशासन तथा एफ ब्लाक के निवासियों का अहम योगदान रहा है जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। जिला में महिला थाना की स्थापना होने से महिला विरूद्ध अपराधों जैसे छेड़छाड़, बलात्कार, घरेलू हिंसा जैसे मामलों में काफी कमी आएगी तथा महिला विरूद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने में कारगर साबित होगा। छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए महिला थाने में महिला पुलिस कर्मियों का दस्ता तैयार किया गया है तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यकता पडऩे पर रेपिड एक्शन फोर्स की तर्ज पर तैयार किया गया व महिला दस्ता तुरन्त अपनी डयूटी संभालेगा। 

एएसपी प्रतीक्षा गोदारा नोडल अधिकारी नियुक्त
सिरसा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रतीक्षा गोदारा को इस महिला थाने का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस महिला थाने में एसएचओ सहित 28 महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। महिला थाना में महिला संरक्षण अधिकारी, महिला हैल्प लाईन तथा मीडिएशन सैल बनाया गया है। इसके अलावा, जिला के सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगवाकर इस महिला थाने से जोड़ा जाएगा। महिला थाने में सीसीटीएनएस लैब भी स्थापित की गई है। सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए जो ऐतिहासिक एवं सराहनीय कदम उठाया गया है इससे महिलाओं की सुरक्षा और अधिक पुख्ता होगी तथा वे स्वयं को और अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी। महिला थाना के निर्माण होने से महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों में निश्चित तौर पर कमी आएगी तथा महिलाओं पर होने वाले आत्याचारों पर अंकुश लगाने में महिला थाना कारगर साबित होगा।

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