गुटबंदी के चलते हरियाणा कांग्रेस की बनेगी जम्बो कार्यकारिणी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष एवं सिरसा के पूर्व सांसद अशोक तंवर, पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी के समर्थकों को कांग्रेस कार्यकारिणी में शामिल करने को लेकर कांग्रेस हाईकमान काफी चिंतित है, क्योंकि तीनों कांग्रेसी दिग्गजों ने लंबी लंबी सूची तैयार की है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार तंवर आधा दर्जन कांग्रेसीजनों को कार्यकारिणी में शामिल नहीं करना चाहते, जिन्होंने विधानसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों को पराजित करने में अहम् भूमिका निभाई थी, जबकि हुड्डा इनकी वकालत कर रहे है। मामला राहुल गांधी तक पहुंच चुका है। कांग्रेस हिचकोले खा रही कांग्रेस कार्यकारिणी की नाव में 170 दिग्गजों को शामिल किया जा सकता है, जिसमें दो दर्जन उपाध्यक्ष, तीन दर्जन महासचिव, चार दर्जन से ज्यादा संगठन सचिव नियुक्त किए जा सकते है। कांग्रेस मीडिया के प्रदेशस्तर पर अलग से प्रकोष्ठ बनाने तथा हर जिला मुख्यालय पर प्रैस प्रवक्ता बनाने की तैयारी भी कर रही है। कांग्रेस की इस जंबो कार्यकारिणी से प्रदेश कांग्रेस का आपसी कलह ओर बढ़ेगा, क्योंकि कांग्रेस प्रत्याशियों को पराजित करवाने में अहम् भूमिका निभाने वाले स्थान पा जाएंगे, जिसे पराजित प्रत्याशी और उनके समर्थकों पर बर्दाश्त करना कठिन होगा, क्योंकि पराजित करने वालों तथा पराजित होने वालों के बीच काफी खट्टास बढ़ चुकी है। सूत्रों के मुताबिक तंवर कांग्रेसी दिग्गजों और पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा (सिरसा) पर आरोप लगाए हुए है, वहीं हुड्डा शर्मा को सम्मानजनक जिम्मेवारी देने का दवाब रखे हुए है। शर्मा पिछले चार दशक से कांग्रेसी ध्वज उठाए हुए है और उन्हें हुड्डा समर्थकों का माना जाता है, जबकि तंवर सार्वजनिक रूप से शर्मा को किसी भी कांग्रेसी कार्यक्रम में शामिल न होने की टिप्पणी कर चुके है। दूसरी तरफ तंवर संजय छोक्कर, सुरेश ढाडां, प्रदीप जैलदार, दवेंद्र कादियान, सुभाष बत्तरा को कार्यकारिणी में स्थान देना चाहते है, जिसका हुड्डा खेमा पुरजोर विरोध कर रहा है। तीनों कांग्रेसी दिग्गजों की सूची राहुल गांधी के दरबार तक पहुंच चुकी है। देखना तो यह है कि राहुल गांधी इन कांग्रेसी दिग्गजों को कितनी-कितनी तव्वजों देते है।

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