इनैलो की चुप्पी को कैश करने की तैयारी में हुड्डा

सिरसा(प्रैसवार्ता)। पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जाट बैल्ट में हुंकार भरने उपरांत गैर जाट बैल्ट की तरफ रूझान कर लिया है। हुड्डा 28 अगस्त को गन्ना की बकाया अदायगी में हो रहे विलंब पर सरकार को घेरने तथा किसानों को सहानुभूति बटोरने की तैयारी कर रहे है। हुड्डा के इस कार्यक्रम से भाजपा तथा इनैलो सकते में है। भाजपा के खिलाफ हुड्डा की डुगडुगी से किसान वर्ग से उसे राजनीतिक फायदा मिलेेगा, वहीं प्रमुख विपक्षी दल होने के बावजूद इनैलो की रहस्यमयी चुप्पी भी हुड्डा को किसान नेता स्वीकार करने की तरफ बढ़ेगी। यमुनानगर, नारायणगढ़, सढ़ौरा, मुलाना, जगाधारी, रादौर इत्यादि क्षेत्रों के किसानों पर इनैलो की प्रभावी पकड़ है, जहां हुड्डा अपने इस कार्यक्रम के माध्यम से सेंधमारी कर सकते है। मौजूदा शासन से किसान खफा है, क्योंकि भाजपाई सरकार बनने के साथ ही किसानों को अपने अधिकारों व समस्याओं के लिए सड़कों पर उतरना पड़ गया है। हरियाणा में किसानों की पहली पसंद इनैलो रही है, मगर वर्तमान में किसानों के पक्ष में आवाज उठाने पर हुड्डा की तरफ किसान आकर्षित होने लगे है। प्रदेश के वर्तमान राजनीतिक मानचित्र में इनैलो में सेंधमारी लगाते हुए हुड्डा को देखा जा सकता है। यमुनानगर के आसपास के किसान सुश्री शैलजा और हुड्डा के बीच तनातनी के चलते शैलजा से काफी दूर हो गए है, क्योंकि एक दशक तक सत्ता में रहने के बावजूद भी हुड्डा और शैलजा उन्हें कुछ नहीं दे पाए। हुड्डा शैलजा की नाराजगी, भाजपा से खफा तथा इनैलो की रहस्यमयी चुप्पी को कैश करना चाहते है।  इस क्षेत्र में इनैलो से लोग अलविदाई लेकर पहले ही कांग्रेस ध्वज उठा चुके है। हुड्डा की इस क्षेत्र में सक्रियता से इनैलो का चिंतित होना स्वाभाविक है। राजनीतिक पंडि़तों के अनुसार राजनीति में लोगों के बीच रहने वाले को फायदा मिलता है और हुड्डा निरंतर लोगों से संपर्क रखे हुए है। यमुनानगर क्षेत्र के किसान मौजूदा कांग्रेस प्रधान अशोक तंवर से ज्यादा भूपेंद्र हुड्डा को अधिमान देते है और शायद यहीं कारण रहा होगा कि हुड्डा न सिर्फ किसान नेता बनकर उभरेंगे, बल्कि गैर जाटों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे।

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