दिपाली हत्याकांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई कत्ल की पुष्टि

सिरसा(प्रैसवार्ता)। सिरसा की बेटी दिपाली हत्याकांड में सनसनीखेज व चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जहां कल तक मामले को आत्महत्या करार दिया जा रहा था, वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उक्त मामले के रहस्य का पर्दाफाश हो गया है और पुलिस द्वारा दिपाली के पति समेत चारो आरोपियों के खिलाफ कत्ल की धारा 302 के अलावा 406 आईपीसी के जुर्म की बढ़ौैतरी कर दी है। गौर हो कि गत 21 जुलाई को दिपाली का शकी हालातों में शव बरामद हुआ था व दिपाली के पति तथा अन्य ससुरालियों द्वारा दिपाली की मौत उसके द्वारा फंदा लगाने से हुई बताई गई थी। हालांकि बठिण्डा थाना कैंट पुलिस ने दिपाली की मौत मामले में दिपाली के पति साहिल गोयल, देवर पुनीत गोयल, सास अनू गोयल व ससुर संजीव गोयल के खिलाफ दहेज हत्या करने की धारा 304बी व 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसी बीच दिपाली के शव का पोस्टमार्टम सरकारी अस्पताल के तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि दिपाली की मौत दम घुटने से हुई थी। इतना ही नहीं रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा गया था कि दिपाली की हत्या गला घोंट कर या फिर फंदा लगाकर की गई है। रिपोर्ट में दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों द्वारा पहले ही दिपाली का गला घोंट कर या फंंदा लगाकर उसकी हत्या कर दी गई व बाद में 2-3 बार फिर उसका गला दबाया गया था। जिससे साफ जाहिर है कि उसकी हत्या बेरहमी से की गई थी। दिपाली के भाई अंकित सिंगला ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस द्वारा उक्त रिपोर्ट के आधार पर 29 जुलाई को चारों आरोपियों के खिलाफ जुर्म में बढ़ौतरी करते हुए आईपीसी की धारा 302 व 406 भी जोड़ दी थी। परंतु अफसोस कि इतना कुछ होने के बाद भी शहर के कुछ गणमान्य व्यक्तियों द्वारा आरोपियों को बचाने की कवायद शुरू कर दी गई व मौत के बाद दिपाली को ही बदनाम करना शुरू कर दिया। उसने मांग करते हुए कहा कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि दहेज के लिए बहु बेटियों को मौत के घाट उतारने वाले ऐसा कुकृत्य करने से पहले सौ बार सोचे अंकित नेे कहा कि जनता को भी जागरूक होने की जरूरत है। वहीं इस मामले में एसएचओ बठिण्डा थाना कैंट हरप्रीत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिपाली के कत्ल का खुलासा हुआ है और चारों आरोपियों के खिलाफ जुर्म में बढ़ौतरी करते हुए आईपीसी की धारा 302 व 406 जोड़ दी गई है।

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