बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं: महिला थाने बनाओ, पर न बनाओ महिलाओं की डिप्टी कमिश्रर

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा सरकार का बेटी, महिलाओं के प्रति क्या नजरिया है, इसकी पुष्टि राज्य के समस्त 21 जिले करते है, जिनमें एक भी महिला डिप्टी कमिश्नर नहीं है। राज्य में महिलाओं के सशक्त तथा शिक्षित बनाने के लिए हरियाणा की खट्टर सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं की डुगडुगी बजा रही हो या फिर महिला पुलिस थाना बनाकर वाह-वाही लूटने का प्रयास कर रही है, मगर सत्यता इसके विपरित है। पिछले दस मास में खट्टर सरकार ने एक भी महिला आईएएस को जिले की कमान नहीं सौंपी, जबकि पिछली सरकार में आधा दर्जन से ज्यादा जिलों की कमान महिलाओं के हाथ में थी। खट्टर सरकार की इस दोहरी नीति से महिला आईएएस प्रसन्न नजर नहीं दिखाई दे रही। खट्टर सरकार द्वारा अपने दस मास के कार्यकाल में दस से ज्यादा बार अफसरशाही का तबादल किया गया है, मगर महिला आईएएस को जिले की कमान सौंपने से परहेज किया गया है। महिला अधिकारियों को जिला कमान न सौंपकर खट्टर सरकार किस प्रकार महिलाओं को सशक्त करना चाहते है, कई प्रश्र पैदा का रहा है।

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