सिरसा की रॉयल हवेली बनी एक पहेली

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हिसार रोड़ स्थित एक भाजपाई दिग्गज का रिसोर्ट रॉयल हवेली में कई भाजपाईयों को उलझन में उलझा दिया है, क्योंकि भाजपाई दिग्गज रॉयल हवेली में दस्तक देते है, मगर उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाता। प्रदेश के अन्य जिलों की तरह सिरसा में भी भाजपा कांग्रेस की राह पर चल रही है। कांग्रेस के नवीन केडिया (तंवर ग्रूप) तथा होशियारी लाल शर्मा (हुड्डा ग्रूप) अपनी-अपनी डफली बजा रहे है और भाजपा में भी प्रौफेसर गणेशी लाल तथा जगदीश चौपड़ा के समर्थकों की अलग-अलग डुगडुगी बज रही है, जबकि इनैलो फिलहाल कोमा में दिखाई देती है। जगदीश चोपड़ा मुख्यमंत्री हरियाणा के राजनीतिक सलाहकार है, तो प्रो. लाल भाजपा की अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष है। इन दोनो भाजपाई दिग्गजों के समर्थक एक दूसरे दिग्गज के कार्यक्रम में शामिल नहीं होते। चौपड़ा की धुंआधार बैटिंग से प्रो. लाल राजनीतिक कोमा की तरफ बढ़ रही स्थिति से चिंतित उनके समर्थकों के दवाब के चलते प्रौ. लाल ने अपने साहिबजादे मनीष सिंगला को मैदान में उतार दिया है, जबकि जगदीश चौपड़ा अपने ही बेटे अमन चौपड़ा को राजनीति में सक्रिय कर रहे है। चौपड़ा की बढ़ती राजनीतिक रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए प्रौ. लाल ने अपने रिसोर्ट रॉयल हवेली को केंद्र बनाकर अपनी राजनीतिक गतिविधियों में तेजी ला दी है। रॉयल हवेली में स्वास्थय मंत्री हरियाणा अनिल विज, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु मे अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुके है, जबकि जनस्वास्थय मंत्री धनश्याम दास सर्राफ, राज्यमंंत्री कृष्ण बेदी, मुख्य संसदीय सचिव डॉ. कमल गुप्ता, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव दीपक मंगला का अभिनंदन 9 अगस्त को रॉयल हवेली में प्रो. लाल की उपस्थिति में किया जा रहा है, जिसमें चौपड़ा सहित उनके समर्थकों को न्यौता नहीं दिया गया। प्रो. लाल और चौपड़ा में आंख मिचौली से ज्यादातर भाजपाई उलझन में है। प्रो. लाल को चौपड़ा का बढ़ रहा जनाधार रास नहीं आ रहा था, क्योंकि चौपड़ा के इर्द-गिर्द भाजपाईयों सहित लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। प्रो.  लाल राष्ट्रीय पदाधिकारी होते हुए भी चोपड़ा की राजनीतिक सक्रियता को लेकर सकते में कहे जा सकते। इसलिए उन्होंने अपनी अलग डुगडुगी बजाई है। भाजपा के कांग्रेसी तर्ज पर चलने को लेकर भाजपाई और संघ अच्छा संकेत नहीं मान कर चल रहे है। मंत्रियों की रॉयल हवेली में उपस्थिति और चौपड़ा की अनुपस्थिति को लेकर प्रशासनिक तंत्र भी उलझन में है, कि किस दिग्गज को तव्वजों दी जाए। प्रो. लाल और चौपड़ा के बीच की राजनीतिक जंग को लेकर कांग्रेस, इनैलो चिटकारे ले रही है, वहीं क्षेत्र के लोगों को इस राजनीतिक जंग से काफी तंग देखे जाने लगे है।

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