चौटाला-शर्मा मिलन: हरियाणवी राजनीति में हडकंप

सिरसा(प्रैसवार्ता)। मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर से नाराज चल रहे शिक्षामंत्री हरियाणा राम बिलास शर्मा का इनैलो नेता अभय सिंह चौटाला के आवास पर जलपान कर एक दूसरे का गुणगान करने से हरियाणवी राजनीति में हडकंप मच गया है। शर्मा हरियाणा के राज्यपाल के अस्वस्थ होने के कारण उनके द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों में शिरकत करने के लिए सिरसा आए थे। राज्य में भाजपाई सरकार बनने से पूर्व भाजपाई दिग्गज सुषमा स्वराज ने शर्मा को भावी मुख्यमंत्री तक कहा था, मगर भाजपा के बहुमत में आते ही खट्टर की ताजपोशी करके शर्मा के स्वपनों पर ग्रहण लगा दिया गया। केवल इतना ही नहीं, अहीरवाल क्षेत्र में शर्मा का राजनीतिक कद कम करने के लिए कई नए चेहरे मैदान में उतारे जा चुके है, जबकि शर्मा से परिवहन जैसा महत्वपूर्ण विभाग छीन कर राजनीतिक जख्मों पर नमक छिड़का गया। शर्मा खट्टर के राजनीतिक झटकों से इस कद्र घायल है कि प्रदेश का राजनीतिक मानचित्र में कभी भी बदलाव देखने को मिल सकता है। चौटाला का गुणगान करने से खट्टर सरकार सकते में है, क्योंकि इससे पूर्व भी शर्मा ब्राह्मण समुदाय के विधायकों की बैठक कर चुके है। राजनीतिक संभावनाओं से इंकार नहीं, कि टिप्पणी से शर्मा ने हरियाणवी राजनीति में उबाल ला दिया है और इसी के साथ क्यासों की बाढ़ आ गई है। क्या शर्मा खट्टर को दर्शाना चाहते है कि उनके सब्र का बांध टूटता जा रहा है और वह कभी भी टूटने के कगार पर पहुंच चुके बांंध को तोड़ सकते है। हरियाणवी राजनीति में भाजपा पर स्थायी विश्वास नहीं किया जाता, क्योंकि भाजपा तालमेल कर तलाक लेने से परहेज नहीं करती रही है। कांग्रेस को छोड़कर इनैलो, हजकां, हविपा के राजनीतिक विवाह रचाकर भाजपा तलाक लेकर हरियाणवी मतदाताओं में अपनी ऐसी छवि दर्शा चुकी है कि भाजपा को प्रदेशवासी विश्वसनीय सहयोगी नहीं मानते। शर्मा-चौटाला का मिलन क्या राजनीतिक गुल खिलाएगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर खट्टर और शर्मा के बीच चल रही राजनीतिक जंग जरूर स्पीड़ पकड़ सकती है।

राम बिलास शर्मा न दिया जोर का झटका धीर से...

राज्पाल के अस्वस्थ होने के चलते शिक्षामंत्री हरियाणा राम बिलास शर्मा सिरसा में राज्यपाल के कार्यक्रमों में शरीक तो हुए, मगर पन्नीवाला मोटा न जाकर उन्हें अस्वस्थ कर गए, जो लंबी इंतजार के बाद भी स्वागत के लिए फूलों की मालाओं को मुरझाने से रोक नहीं पाए। शर्मा जी पन्नीवाला मोटा गए क्यों नहीं, यह चर्चा का विषय बन गया है। चर्चाएं चल पड़ी है कि शर्मा को पन्नीवाला मोटा जाने से रोका गया था। पन्नीवाला मोटा में राज्यपाल हरियाणा में पारूल ढ़ाका के नए निवास के उपलक्ष्य में शिरकत करनी थी, जहां उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। राज्यपाल के कार्यक्रम के रद्द होने की सूचना ने पारूल ढ़ाका, ग्रामवासियों तथा उपस्थितजनों को मायूस कर दिया। इसी बीच सूचना आई कि शर्मा ने आना है, मायूसी में बदलाव आया, मगर शिक्षा मंत्री शर्मा ने पारूल ढ़ाका को जोर का झटका धीरे से देते हुए उसकी आशाओं पर ग्रहण लगा दिया। एक लंबे समय तक स्वागत के लिए लाई गई फूल मालाएं भी देरी बर्दाश्त न करते हुए मुरझा गई, उपस्थितजनों के चेहरों से खुशिया गायब हो गई और क्यासों की बाढ़ आ गई।

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