मुफ्त में शाही पनीर खाने वाले आधी रात तक होटल संचालक से मांगते रहे माफी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। जनता रोड स्थित शेर ए पंजाब ढ़ाबा से वर्दी की धौंस जमाकर रोजाना शाही पनीर खाने वाले पुलिस कर्मियों की बुधवार को मुसीबत बढ़ गई है। एसपी अश्विन शैणवी द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेने के बाद होटल संचालक ने भी अपने बयान पुलिस को दर्ज करवा दिए है। बुधवार को शहर थाना में होटल संचालक व उसका बेटा हैप्पी अपने साथियों सहित पहुंचा। वहां पर डीएसपी जगदीश काजला की अगुवाई में हैप्पी ने पुलिस को बयान दर्ज करवाए। अब इस मामले की जांच एएसपी प्रतीक्षा गोदारा को करनी है। वे ही सारे मामले की फाइनल रिपोर्ट एसपी अश्विन शैणवी को सौंपेगी। उधर जैसे ही आरोपी पुलिस कर्मियों को पता लगा कि मामला एसपी के नोटिस में आ गया है। उनके पसीने छूटने शुरू हो गए। उन्होंने होटल संचालक को मनाने का प्रयास भी किया। मगर असफल रहे। होटल संचालक के बेटे ने शहरवासियों से समर्थन मिलने के बाद भयमुक्त होकर सीएम विंडो पर भी शिकायत दर्ज करवा दी है।
होटल संचालक के बेटे ने उजागर किए आरोपियों के नाम
रोजाना शाही पनीर व बटर मिक्स रोटी फ्री में खाने वाले शहर थाना के पुलिस कर्मियों में से एक का नाम आखिर होटल संचालक के बेटे हैप्पी ने उजागर कर दिया। हैप्पी ने पुलिस के समक्ष बयान दर्ज करवाते हुए बताया कि पीसीआर पर ड्यूटी करने वाला एएसआई का नाम लिखवा दिया है। इसके अलावा जो उसके दो तीन अन्य साथी हैँ उनकी भी पहचान बता दी है। हैप्पी ने  बयान में लिखवाया कि ये लोग 19 सितंबर की रात को उसके ढ़ाबे पर आए थे।  जब उसने इनको फ्री में खाना नहीं दिया तो उसका बाइक इंपाउंड कर दिया।  वहीं उसका होटल भी बंद करवा दिया। वहीं   इस मामले में शहर थाना के एक और एएसआई का नाम भी सामने आ रहा है। जो अपना कारिंदा भेजकर फ्री खाना मंगाता था।
आधी रात तक मांगते रहे माफी, बोले चालान भी हम भर देंगे
जैसे ही इस मामले में एसपी अश्विन शैणवी ने एक्शन लिया। इसकी सूचना आरोपी पुलिस कर्मियों तक पहुंच गई। उन्होंने रात के समय ही होटल संचालक के पास अपने साथी भेज दिए। उनमें एक आरोपी पुलिस कर्मी भी शामिल था। कोई देख ना ले इसलिए गाड़ी होटल से दूर खड़ी करके वे हैप्पी के पास पहुंचे। उन्होंने जाते ही हैप्पी को उनके पक्ष में बयान देने की बात कही। आरोपी पुलिस कर्मी व उसके साथियों ने हैप्पी के आगे मिन्नतें की। नौकरी जाने का हवाला भी दिया। मगर हैप्पी ने कोई संतोष जनक जवाब उन्हें नहीं दिया। आखिर में हैप्पी से माफी मांगते हुए बाइक का चालान खुद भरने व अब तक खाया गया फ्री खाने के पैसे देने की भी बात कही। मगर हैप्पी ने उन्हें सुबह ही बात करने की बात कही। आखिर हार थक कर पुलिसकर्मी वापिस आ गए। वहीं सुबह फिर हैप्पी को मनाने की कोशिश पुलिस द्वारा चलती रही।
आरोप साबित हुए तो पुलिस कर्मी होंगे सस्पेंड
पुलिस विभाग के नियमों मुताबिक किसी भी पुलिस कर्मी के खिलाफ शिकायत आती है और वह जांच में सही पाई जाती है। उसके खिलाफ संबंधित धारा के तहत केस दर्ज कर लिया जाता है। उसके बाद एसपी उसे सस्पेंड करके विभागीय जांच बैठा देता है। इसी मामले में अगर आरोपी दोषी पाए गए तो सस्पेंड किए जा सकते हैं।
शहरवासी बोले एसपी करे सख्त कार्रवाई
पुलिस की मुफ्तखोरी का मामला जैसे ही सुर्खियों में आया। शहरवासी और कई संगठनों के लोग ढ़ाबा संचालक के समर्थन में आ गए हैं। छात्र संगठन नई सुबह के प्रधान जगदीप गोदारा ने एसपी अश्विन शैणवी को इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं दा सिरसा सीटीजन फोरम ने भी आरोपियों को सस्पेंड करने की मांग की है। इसके अलावा डिजिटल कंप्यूटर सैंटर के संचालक रमेश जांगड़ा, अमन ग्रोवर , प्रवीन गोदारा, हरभजन सहित अनेक लोगों ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की है।
पुलिस कर्मचारियों में भय, होटलों पर उधार चुकाई
पुलिस के खिलाफ उजागर हुए इस मामले के बाद होटल पर खाना खाने वाले अन्य पुलिस कर्मियों में भी भय देखा गया।  हालांकि ये लोग उधार में खाना खाते हैं। दस दिन बाद पैसे जमा करवा देतें है। मगर इस मामले के बाद सभी ने अपने अपने पैसे जमा करवा दिए हैं।  दो होटल संचालकों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि उनके यहां पांच पुलिस कर्मी रोजाना खाना खाते हैं। वे हर दस दिन बाद अपना हिसाब कर देते हैं। मगर आज सभी ने अपना अपना हिसाब करके पैसे दे दिए हैं। जबकि दस दिन होने में अभी सात दिन बाकी पड़े हैं। पर वे मुफ्तखोरी नहीं करते। पूरी कीमत देते हैं।

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