हरियाणा, जहां मोदी और भाजपा की लोकप्रियता पर लग रहा है ग्रहण

सिरसा(प्रैसवार्ता)। कांग्रेस की दिल्ली रैली में उमड़ी हरियाणवी भीड़ ने दर्शा दिया है कि हरियाणावासियों का मोदी लहर और भाजपाई शासन का कोई असर नहीं है। मोदी देशभर में, जहां अपनी लोकप्रियता खो रहे है, वहीं हरियाणा की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसान हो या कर्मचारी, दुकानदार हो या मजदूर भाजपा को सत्ता में लाकर स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे है। स्थिति ऐसी है कि यदि हरियाणा विधानसभा का आज बिगुल बज जाए, तो भाजपा अपने पुराने आंकड़े इकाई तक ही सिमट कर रह जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी विदेशी दौरों में व्यस्त है, तो हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर अपनों (भाजपाईयों) के लिए एक मुसीबत बन चुके है। मोदी के प्रचार की चपेट में आए देशवासियों का भाजपा से मोहभंग हो रहा है। भाजपाई सांसद, मंत्री व दिग्गज उल्टी बयानबाजी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को निरंतर राजनीतिक कष्ट दे रहे है। हरियाणा में भाजपाई सांसद ने जाट आरक्षण को लेकर राज्य का माहौल खराब कर रखा है, वहीं एक जाट नेता मुख्यमंत्री खट्टर को पाकिस्तानी कहकर पंजाबी समुदाय को आग बबूला कर दिया है। प्रदेश जातीय संकट में दिखाई दे रहा है, जोकि भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं कहा जा सकता। हरियाणा की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर में मोदी और भाजपा की लोकप्रियता में ग्रहण दिखाई देता है, जिसे संभालने के लिए भाजपा को भाषण बाजी की बजाए जमीनी स्तर पर काम करना होगा, मगर प्रदेश भाजपा में जिस तेजी से जनाधार घट रहा है, उससे कहीं ज्यादा गुटबंदी बढ़ रही है। इन दिनों भाजपा ने, जो पौधे लगाए हुए है, उनमें राजनीतिक महत्वाकांक्षा तो है, लेकिन समाज के प्रति काम करने की प्रवृत्ति का घोर अभाव है। कायदे मुताबिक भाजपाई दिग्गजों को तवज्जों देने की बजाए चाटुकारिता की प्रवृत्ति भाजपा में तेजी से बढ़ रही है। शायद यहीं कारण है कि लोगों का भाजपा के प्रति मोह निरंतर भंग हो रहा है और भाजपा जिस भटकाव की राह पर चल रही है, उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ सकता है।

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