गुरमीत राम रहीम को मिली माफी का विरोध करने गुरूद्वारा नहीं पहुंचे सिख

सिरसा(प्रैसवार्ता)। एमएसजी स्टार गुरमीत राम रहीम गुरूवार दोपहर बाद ओएचएम सिने गार्डन में पहुंचे और दर्शकों संग फिल्म एमएसजी-2 द मसैजेंर देखी। दर्शकोंं में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं गुरमीत राम रहीम को हाल ही में अखाल तख्त द्वारा माफी दी जाने के विरोध में गुरूद्वारा श्री चिल्ला साहिब में सिख संगठनों की मीटिंग रखी गई थी, लेकिन तय समय अनुसार मीटिंग में सिख नेता नहीं पहुंचा। हरियाणा प्रबंधक गुरूद्वारा कमेटी के नेता जगदीश सिंह झिंडा भी नहीं आए। सिख संगठनों ने गुरूवार को प्रदर्शन करते हुए डीसी को ज्ञापन देना था। गुरूद्वारा के आसपास पुलिस व सीआईडी के कर्मचारियों को अलर्ट किया गया था। जिला प्रशासन की भी यह रणनीति थी कि अगर सिख संगठन विरोध करते है, तो उनका ज्ञापन गुरूद्वारा में जाकर ही लिया जाएगा। लेकिन ऐसी नौबत नहीं आई। करीब डेढ़ घंटे तक भावदीन  से पहुंचे मलिक भी सिख नेताओं का इंतजार करते करते निकल गए। बताया जा रहा है कि गुुरूवार को सिख संगठनों ने डीसी को ज्ञापन सौंपना था। इससे पूर्व उन्होंने रोष मार्च भी निकालना था। गुरूद्वारा चिल्ला साहिब में  सिख समुदाय से जुड़े गणमान्यों की मीटिंग भी थी। मीटिंग में काफी सिख समुदाय के लोग भी पहुंचे, मगर उनका कहना था कि उस मेटर से उनका कोई लेना देना नहीं हैै। वे शहर में शांति चाहते है। उधर जगदीश झिंडा ने कहा कि डीसी को ज्ञापन तो देेना था, मगर उनके आने प्रोग्राम नहीं बना। सिरसा से प्रकाशित एक सांध्य दैनिक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार जगदीश झिंडा ने कहा है कि श्री अकाल तख्त के जत्थेदारों ने जो माफीनामा मंजूर किया है, उससे पंथ की मर्यादा को ठेेस पहुंची हैै। यह बंद कमरे में लिया गया फैसला है। श्री अकाल तख्त का इतिहास देखा जाए, तो जिस जिसको यहां माफी दी गई है, उसने श्री अकाल तख्त पहुंचकर सजा को भुगता है। उन्होंने कहा कि वे जत्थेदारों का विरोध करेंगे। इसको लेकर ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। यह बादल परिवार का फैसला है  ना कि सिख धर्म का।

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