हरियाणा, जहां पक्ष और विपक्ष की भूमिका में है भाजपा

सिरसा(प्रैसवार्ता)। देशभर के मतदाताओं ने कांग्रेस को लोकसभा में विपक्षी नेता के पद तक पहुंचने नहीं दिया, जबकि हरियाणा में भाजपाई शासन बनाकर इनैलो को विपक्ष की भूमिका निभाने का निर्णय दिया। हरियाणा में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बने को एक वर्ष होने वाला है, मगर इस अवधि में  प्रमुख विपक्षी दल इनैलो विपक्षी भूमिका में कहीं नजर नहीं, बल्कि बिजली के बढ़े दामों को लेकर जरूर उपस्थिति दर्शाई है। कांग्रेस का टांग खिंचाई अभियान पूर्णयता धुआंधार बैटिंग किए हुए है। कभी-कभी यह बैटिंग सरकार को लेकर हो जाती है। देश का हरियाणा एक मात्र ऐसा राज्य है, जहां सत्तारूढ़ भाजपा ही पक्ष और विपक्ष की भूमिका में है। करनाल से भाजपाई सांसद अश्विनी चोपड़ा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से आंख मिचौली किए हुए है, वहीं कुरूक्षेत्र से भाजपाई सांसद राम कुमार सैनी जाट आरक्षण के विरोध में डुगडुगी बजा रहे है। अंबाला के भाजपाई सांसद रतनलाल कटारिया स्वास्थय मंत्री हरियाणा अनिल विज से खफा है। राज्यमंत्री कृष्ण बेदी प्रधानमंत्री मोदी की कार्यप्रणाली पर अपनी राय जग-जाहिर कर चुके है। बाढड़ा से भाजपाई विधायक सुखविन्द्र मांढी सांसद सोनी की तुलना कैकेयी और विभीषण से कर चुके है। मुख्यमंत्री के सलाहकार जगदीश चोपड़ा पर व्योवृद्ध भाजपाई दिग्गज और स्वयंसेवक संघ में विशेष महत्व रखने वाले राम लाल बागड़ी स्वच्छता मिशन को लेकर गंभीर टिप्पणी कर चुके है। केंद्रीय मंंत्री एवं राज्य सभा सांसद वीरेंद्र सिंह अपनी विधायिका पत्नी प्रेमलता के साथ भाजपाई सरकार पर तीखे हमले किए हुए है। हरियाणा में विपक्ष से कहीं ज्यादा पक्ष विपक्षी भूमिका में देखा जा सकता है।

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