मिलरों को धान की सीधी सप्लाई से हरियाणा सरकार को करोडों का चूना

रानियां(प्रैसवार्ता)। धान का सीजन अब शुरु हो चुका है। खेतों से धान की कटाई के बाद किसान धान मंडी में लाते हैं। जिसके बाद मिलर्स इस धान को मंडी से खरीद कर अपनी अपनी मिलों में ले जाते हैं। जिससे मार्केट कमेटी को प्रति क्चिंटल करीब 70 रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। इसके अलावा आढतियों, मजदूरों व ट्रक आप्रेटरों को भी आय होती है। जिससे उनको रोजगार मिलता है। लेकिन अब इसके बिल्कुल उलट हो रहा है। मिलर्स अब धान की सीधी खरीद कर बिना तुलाई व कमेटी को राजस्व देने के ही सीधा मिलों तक धान ले जा रहे हैं। ऐसा क्षेत्र की लगभग सभी मंडियों बणी, जीववनगर व अन्य मंडियों में हो रहा है। मिलर्स की ओर से करनाल, तरावडी आदि क्षेत्रों में मिलें चलाते हैं, वह अपने नुमांइदों या स्थानीय लोगों की मदद से किसानों से सीधी खरीद कर बिना किसी कमेटी को राजस्व दिए मिलों में ले जाते हैं। जिससे सरकार व मार्केट कमेटी को करोडों को का चूना लग रहा है। वहीं आढतियों, मजदूरों व ट्रक आप्रेटरों को भी भारी नुकसान हो रहा है। इस बारे में आढती व ट्रक आप्रेटर नरेंद्र गाबा, तरण ङ्क्षसह, बलविंद्र ङ्क्षसह आदि ने बताया कि पिछली बार मंडी में आए धान के मुकाबले में करीब पांंच गुणा से ज्यादा धान सीधे मिलों में पंहुचाया गया था। मंडी में करीब 1 लाख 9 हजार क्विंटल ही धान पंहुचा था जबकि क्षेत्र में सबसे ज्यादा धान इसी ऐरिया में होता है। उन्होनें कहा कि इससे कमेटी के अलावा आढतियों, मजदूरों और ट्रक आप्रेटरों को भी नुकसान हो रहा है। मजदूरों व ट्रक आप्रेटरों के पेट पर लात मारी जा रही है। आढतियों व ट्रक आप्रेटरों ने कहा कि अगर जल्द ही सरकार ने कोई उचित कदम नहीं उठाया तो यूनियन हडताल पर जाने को मजबूर हो जाएंगे। 
ट्रक आप्रेटरों ने किया प्रदर्शन 
धान की सीधी खरीद से हो रहे ट्रक आपे्रटरों के नुकसान से परेशान ट्रक आपे्रटरों ने सरकार व प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। परेशान ट्रक आप्रेटरों तरण ङ्क्षसह, बलविंद्र ङ्क्षसह आदि ने कहा कि सीजन होने के बावजूद भी उनके ट्रक खाली खडे हैं। मंडी में माल न होने की वजह से उन्हें भी लाखों का नुकसान हो रहा है। उनकी रोजी रोटी पर भी संकट खडा हो गया है। वहीं मार्केट कमेटी को राजस्व का नुकसान हो रहा है। 
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बारे में मार्केट कमेटी के सचिव दीपक कुमार का कहना है कि उन्हें हिदायत दी गई है कि देश का किसान कहीं भी माल बेच सकता है। वह समय समय पर खुली गाडियों में जा रहे माल को भी चैक करते हैं। किसान अपना हवाला देकर बच निकलते हैं। बणी में भी जो ट्रक भर रहे हैं उन्हें कहा गया है कि वह अपना माल उठा ले और आगे से ऐसा न करने की हिदायत दी गई है। अगर माल सीधा मिलर्स या दूसरी मंडियों में जाता है तो वहा अधिकारियों को भी चैक करना चाहिए।   

No comments