श्री अकाल तख्त साहिब बनाम डेरा सच्चा सौदा में इनैलो की डुुगडुगी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। डेरा सच्चा सौदा की सिख अनुयायियों के बीच चल रही खींचतान को भाईचारा बनाए रखने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब ने डेरामुखी गुरमीत राम रहीम इंसां द्वारा भिजवाया गया माफीनामा स्वीकार कर लिया, जिसे सिख समुदाय का एक वर्ग स्वीकार नहीं कर रहा, बल्कि इस प्रकरण के पीछे आरएसएस का प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री पंजाब पर दवाब बना रहा है। इधर इनैलो नेता अभय सिंह चौटाला ने माफीनामे पर कड़ी आपत्ति व्यक्त कर बादल परिवार और चौटाला परिवार के रिश्तों पर कई सवालिया निशान लगा दिए है। परिवारिक रिश्तों की बदौलत शिरोमणी अकाली दल ने भाजपा का सहयोगी होने के बावजूद हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा का विरोध किया था, जिस कारण भाजपा पंजाब और अकाली दल के रिश्तों में कड़वाहट देखी जाने लगी है। इनैलो नेता की इस डुगडुगी ने बादल-चौटाला परिवार के रिश्तों पर ग्रहण लगा दिया है, क्योंकि माफीनामा को पंजाब का एक सिख समुदाय वर्ग प्रकाश सिंह बादल  को निशाने पर रख रह था, वहीं अभय सिंह चौटाला ने भी बादल विरोधियों की हां में हां मिलाकर बादल को जोर का झटका धीरे से देकर रिश्तों में खट्टास पैदा कर दी है। डेरामुखी गुरमीत राम रहीम इन्सां द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब जाने से भी परहेज नहीं, टिप्पणी से भी माफीनामा के विरोध में खड़े सिख समुदायों में भी नरमी दिखाई देने लगी है, मगर इनैलो नेता चौटाला की टिप्पणी को भाईचारा कायम रखने के पक्षधर राजनीतिक बौखलाहट के रूप में देखते है, क्योंकि हरियाणा विधानसभा चुनाव में डेरा समर्थकों ने भाजपा प्रत्याशियों की मदद करके सत्ता की तरफ तेजी से बढ़ रही इनैलो के मसूंबों पर पानी फेर कर 31 का आंकड़ा 20 पर लाकर पीछे धकेल दिया था। तभी इनैलो डेरामुखी को किसी न किसी बहाने सेे कौसती रही। सिख धर्म के ज्ञाता बुद्धिजीवी मानते है कि श्री अकाल तख्त साहिब का फैसला सर्र्वोपरि है, मगर इनैलो की फैसलो को लेकर बजाई गई डुगडुगी उनकी समझ से दूर है, क्योंकि डेरा सच्चा सौदा प्रकरण में इनैलो कभी सक्रिय नहीं रही। मात्र विधानसभा चुनाव में इनैलो की बढ़त को पीछे धकेलने के कारण ही डेरामुखी इनैलो की आंख की किरकिरी बने हुए है।

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