भाजपा नेताओं के इशारे पर पुलिस ने दर्ज किया झूठा मुकद्दमा: अंजनी गोयल - The Pressvarta Trust

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Saturday, October 24, 2015

भाजपा नेताओं के इशारे पर पुलिस ने दर्ज किया झूठा मुकद्दमा: अंजनी गोयल

सिरसा(प्रैसवार्ता)। पत्रकार अंजनी गोयल ने अपने भाई देवकीनंदन पर दर्ज हुए मुकद्दमे को झूठा करार देते हुए शहर थाना के बाहर प्रैस कांफ्रेंस कर पुलिस प्रशासन व भाजपा नेताओं पर कई आरोप जड़े। अंजनी गोयल ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए आरोप लगाया कि यह मुकद्दमा एक भाजपा नेता के बहनोई की शिकायत पर दर्ज हुआ है, चूंकि हमने पहले मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार का पूतला फूंका था और अब सीएम का फूंकना चाहते है, इससे भाजपा नेताओं के पसीने छूट गए है और वह औच्छे हथकंडे अपना रहे है। अंजनी गोयल ने स्पष्ट किया कि जिस धर्मशाला पर कब्जा करने का मुकद्दमा उसके भाई देवकीनंदन पर दर्ज किया गया है, दरअसल वह धर्मशाला उनकी पारिवारिक संपत्ति है। इस धर्मशाला का संचालन राजकुमार चिड़ावावाला पुत्र भीमराज द्वारा लगभग चार दशकों तक किया गया। लगभग 12 वर्ष पूर्व राजकुमार चिड़ावावाला द्वारा धर्मशाला के संचालन में असमर्थता जाहिर करते हुए देवकीनंदन को इस धर्मशाला के संचालन की जिम्मेवारी सौंपी। देवकीनंदन गोयल ने धर्मशाला की बेहतरी के लिए 15 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च कर फर्श, गद्दे, शौचालय तथा एयर कंडीशनर स्थापित किए।  धर्मशाला के आगे बनी तीन खंड वाली दुकान में स्थानीय समाचारपत्रों का संचालन किया जाता रहा है, ऐसे में धर्मशाला पर कब्जा करने के आरोप तथ्यहीन और बेबुनियाद हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ थाना शहर के समक्ष क्रमिक अनशन व धरना दिये जाने पर पुलिस प्रशासन द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि आंदोलन को कुचलने के लिए ओछे हथकंडे अपनाए गए हैं। पत्रकार अंजनी गोयल ने स्पष्ट किया कि 22 अक्टूबर को सीएम के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा का पुतला फूंकने और 25 अक्टूबर को सीएम का पुतला फूंकने के अल्टीमेटम के चलते भाजपा नेता ने अपने साले विनोद कुमार के झूठे बयान के आधार पर शिकायत की। पुलिस प्रशासन ने भाजपा नेताओं के इशारे पर बिना मामले की जांच पड़ताल किए देर रात्रि में मामला दर्ज कर लिया। जबकि चिड़ावावाली धर्मशाला के सामने उनके निवास पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं, जिनकी जांच में पूरे मामले का खुलासा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता पक्ष ने ही शुक्रवार देर रात्रि को उनके टूटे हुए आफिस पर कब्जा करने की कोशिश की और दर्जनों लोगों को जुटाया। इस बारे में शुक्रवार सायं थाना शहर में लिखित शिकायत दी गई जिसका डायरी नंबर 232एससी23/10/2015 तथा इंक्वायरी एसआई राजेंद्र कुमार को मार्क की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा आंदोलन को कुचलने के लिए भाजपा नेताओं के इशारे पर सरासर झूठा मामला दर्ज किया गया है जिसे निरस्त किया जाए। 

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