शहर में दो जगह फूंका गया सीएम का पुतला, काले झंडे दिखाने के प्रयास में हुए गिरफ्तार

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा प्रदेश में बढ़  रही अपराधिक घटनाओं तथा दलित समुदाय के लोगों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी व दलित समाज ने रविवार सुबह रविदास चौंक पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व केंद्रीय राज्य मंत्री वी.के. सिंह का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। वी.के. सिंह द्वारा दलितों पर की गई टिप्पणी के विरोध में सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। इस दौरान पत्रकारों से रूबरू होते हुए हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव नवीन केडिय़ा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा कर रह गई है। पिछले एक सप्ताह में अपहरण, रेप, हत्या और लूटपाट की घटनाओं ने हरियाणावासियों को हिलाकर रखा दिया है और वह स्वयं को असुरक्षित महसूस करने लगे है। केडिया ने कहा कि सनपेडा में दो बच्चों की मौत, गोहाना में दलित युवक की हत्या, कुमासपुर के पास अध्यापक की हत्या, जाटीकलां ग्राम के पास युवती से दुष्कर्म उपरांत उसकी हत्या इत्यादि घटनाओं से ऐसा लगता है कि प्रदेश में जंगल का राज है। केंद्रीय मंत्री वी.के. सिंह द्वारा दलितों की तुलना कुत्तों से करना उनकी ओछी मानसिकता का परिचायक है। उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री को उनसे तत्काल इस्तीफा ले लेना चाहिए। प्रदेश सचिव शीशपाल केहरवाला ने कहा कि दलितों के खिलाफ अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर इसका भाजपा को मुंह तोड़ जवाब देंगे। भाजपा सरकार दलितों के साथ किसान एवं युवा विरोधी है। कांग्रेस इनके हितों की अनदेखी नहीं होने देगी। 
सुभाष चौंक पर फूंका सीएम का पुतला
नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाना शहर के समक्ष 108 दिनों से क्रमिक अनशन व धरना रविवार को सीएम मनोहरलाल खट्टर के पुतले को फूंकने के साथ समाप्त कर दिया गया। हरियाणा सरकार मुर्दाबाद के नारों के बीच धरनास्थल से सीएम के पुतले को सुभाष चौक पर लाया गया जहां उसे अग्नि के हवाले कर दिया गया। इससे पूर्व धरनारत लोगों को संबोधित करते हुए समाजसेवी रमेश कटारिया ने कहा कि भाजपा सरकार ने लोगों को निराश किया है। नगर परिषद के घपले घोटाले सिद्ध हो चुके हैं इसके बावजूद खट्टर सरकार भ्रष्ट अधिकारियों पर अंकुश नहीं लगा सकी। नामजद अधिकारियों को गिरफ्तार तक नहीं किया गया। पत्रकार इंद्रजीत अधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 10 जुलाई से क्रमिक अनशन व धरना शुरू किया गया था लेकिन शासन-प्रशासन ने इस और जरा भी ध्यान नहीं दिया। भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों को बच निकलने के भरपूर अवसर प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की इस लड़ाई में समाज के हर वर्ग ने सहयोग किया। जनता के बलबूते आंदोलन रिकार्ड 108 दिन की अवधि तक चला। सीएम का पुतला दहन करने के साथ ही इस क्रमिक अनशन व धरने को बिना किसी औपचारिकता के समाप्त किया जाता है। उन्होंने दोहाराया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। विभिन्न विभागों में सक्रिय भ्रष्टाचारियों को बेनकाब किया जाएगा। जनता को जागरूक किया जाएगा तथा नगर  परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अब कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। 
काले झंडे दिखाने के प्रयास में गिरफ्तार
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के सिरसा आगमन पर युवा कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए जाने का कार्यक्रम था और जैसे ही एकत्रित युवा कांग्रेसजन सिर पर काली पट्टियां व काले झंडे व नारे लिखे बैनर लिए एक जलूस की शक्ल में भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रानियां गेट की तरफ बढ़ रहे थे तो रानियां गेट के पास तैनात भारी पुलिस बल के साथ तनातनी के बाद पुलिस ने युवा कांग्रेस के अध्यक्ष वेद प्रकाश भाट व उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया और पुलिस वाहन में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। इससे पूर्व सुबह 10 बजे वेदप्रकाश भाट कार्यालय पर युवा कांग्रेस कार्यकत्र्ता एकत्रित होने शुरू हो गए थे और जैसे-जैसे कार्यकत्र्ता जमा होने लगे वैसे-वैसे पुलिस के गुप्तचर विभाग की गतिविधियां भी रानियां रोड पर बढ़ गई। लगभग साढ़े 11 बजे रानियां गेट के पास भारी पुलिस बल तैनात पुलिस वाहनों के साथ तैनात कर दिया गया। विरोध प्रदर्शन से पूर्व कार्यकत्र्ताओं को संबोधित करते हुए वेदप्रकाश भाट ने कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा सरकार बनी है तब से आम आदमी का जीना दुश्वार होता जा रहा है और आज हालात यह हैं कि जो गरीब आदमी दाल रोटी खाने की सोचता था अब उसकी सोच से दाल भी गायब होती जा रही है।  भाट ने कहा कि मुख्यमंत्री पता नहीं अपनी एक साल की कौन सी उपलब्धियां जनता के सामने रख रहे हैं जबकि इस सरकार की उपलब्धियों में केवल दलितों पर अत्याचार, गरीबों के लिए परेशानियां, किसानों के लिए आॢथक विषमताएं और हर वर्ग के लिए मुश्किलें ही शामिल हैं।

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