हर किसी को है परफैक्ट दिखने की ख्वाहिश: डॉ. पंकज मेहता

मरीजों से रूबरू हुए डॉ. पंकज मेहता
सिरसा(प्रैसवार्ता)। हम में से कोई भी परफैक्ट नहीं है लेकिन परफैक्ट दिखने की ख्वाहिश कर किसी के दिल में रहती है। लोगों के बदलते दृष्टिकोण और बढ़ती मांग के चलते कॉस्मेटोलॉजी का विकास हुआ है। यह बात अपोलो कॉस्मेटिक क्लीनिक्स (इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स दिल्ली का भाग) में कॉस्मेटिक्स व प्लास्टिक सर्जरी के कंसल्टेंट डॉ पंकज मेहता ने मेहता नर्सिंग होम में मरीजों से रूबरू होते हुए कही। पिछले 4 माह में 100 से  ज्यादा मरीजों का चैकअप कर चुके डॉ. मेहता ने कहा कि किसी जमाने में महानगरों में कॉस्मेटिक सर्जरी को हाई क्लास हैंगओवर कहा जाता था लेकिन आज यह मध्यम वर्ग की पहुंच में हो चुकी है, सिरसा में भी। कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट इनवेसिव (सर्जिकल) और नॉन-इनवेसिव (बिना सर्जरी के) दो श्रेणियों में होते है। इनवेसिव प्रक्रियाओं में रैडिकल उपायों से मरीज का लुक बदला जाता है। जिन कॉस्मेटिक सर्जिकल प्रक्रियाओं की मांग सबसे ज्यादा है वे हैं- ब्रैस्ट ऐनलार्जमेंट, राइनोप्लास्टी (नाक की सर्जरी), सर्जिकल फेस लिफ्ट, टमी टक्स और लिपोसक्शन। कम लागत, कम अवधि और स्वस्थ होने में लगने वाले कम वक्त की वजह से मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाएं सर्जिकल प्रक्रियाओं से ज्यादा मशहूर हो गई हैं। नॉन-सर्जिकल कॉस्मेटिक प्रक्रियाएं नॉन-सर्जिकल फेस लिफ्ट, बोटोक्स ट्रीटमेंट, डर्मा फिलर्स, अलथेरपी, कूल स्कल्पटिंग, ऐबडोमिनोप्लास्टीज़ (टीम टक), बॉडी कॉन्टूरिंग (कूज स्कल्पटिंग) और हेयर ट्रांस्प्लांट का भी क्रेज बढ़ा है।कॉस्मेटिक करैक्शन की मांग बढऩे के साथ-साथ मरीजों की आयु सीमा भी घट रही है, इसलिए पहले काउंसलिंग सबसे अहम् है। यह उपचार कराने का फैसला विचारपूर्वक व परिपक्व होना चाहिए। जैसे-जैसे भारत में नई ऐस्थेटिक सर्जरी टैक्नोलॉजी व उत्पाद आ रहे हैं और मशहूर सर्जरी सुरक्षित एवं वहनीय हो रही हैं वैसे-वैसे छोटे शहर भी मैट्रो शहरों के करीब आते जा रहे हैं। अपोलो कॉस्मेटिक क्लीनिक्स, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल-नई दिल्ली का हिस्सा है और यह सिरसा के निवासियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए मेहता नर्सिंग होम में रोगी जागरुकता व परामर्श सत्रों के अलावा ओपीडी भी नियमित रूप से संचालित करता है।

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