धान न बिकने व कम रेट मिलने पर बिफरे किसान

रानियां(अमनदीप)। अनाज मंडी में पिछले दस दिनों से धान न बिकने व कम रेट मिलने से निराश किसानों ने अनाज मंडी के गेट को ताला लगाकर मंडी मार्ग पर विरोध स्वरुप मंडी के गेट पर ताला लगा दिया। किसानों ने ताला लगा कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों को धान की फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा और न ही उनका धान बिक रहा है। ताला लगाए किसानों का कहना है कि पंजाब या अन्य राज्यों से आने वाली फसल को व्यापारी या एक्सपोर्टर बाहर से ही खरीद लेते हैं। लेकिन उनकी फसल को मंडी में पडे हुए करीब 10 दिन हो गए लेकिन कोई दाम ही नहीं लगा रहा है। किसान पहले ही मौसम की मार से परेशान है तथा उन्हें धान निकालने के लिए भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। गेट पर ताला लगाने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी व मार्केट कमेटी के सचिव दीपक कुमार मौके पर पंहुचे। सचिव के आश्वासन बाद के 2 धण्टे बाद किसानों ने गेट से ताला खोल दिया। किसान अमन ,जंसविंद्र ,सुरजीत सिंह ने बताया की अपनी फसल बेचने के लिए दस-बारह दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।  वहीं दूसरी ओर एक्सपोर्टर या व्यापारी नमी के नाम पर धान खरीद करने में आनाकानी कर रही है। उनके धान के दाम ही नहीं लगाए जा रहे हैं जबकि बाहरी माल मंडी में आने से पहले बिक जाता है। किसानों को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। पिछले दो दिनों से मौसम भी खराब चल रहा है। किसानों को खेतों के काम छोडकर मंडी में बैठने के लिए मजबूर होना पड रहा है। मंडी में पडी फसल को जानवरों के खाने का भय भी बना हुआ है वहीं फसल मंडी में इधर-उधर बिखर जाती है। जिसकी वजह से फसल का काफी नुकसान हो जाता है। मंडी से बाहर बिकने वाले धान पर रोक लगाई जाए। सभी धान मंडी के अंदर बोली पर ही बेचे जाएं। बोली सुबह 10 बजे से शुरु होकर शाम 5 बजे तक चलनी चाहिए। किसानों की फसल को क्वालिटी अनुसार दाम दिए जाएं। किसानों ने कहा कि अगर जल्द से जल्द किसानों की समस्याओं का हल नहीं किया गया तो किसान अगली रणनीति तय करेंगे। 
क्या कहते है सचिव ?
         मार्केट कमेटी के सचिव दीपक कुमार ने बताया की किसानों की समस्या का जल्द हल किया जाएगा । और आश्वासन दिया व बाहर से धान के खरीददारों को नोटिस जारी करेगे । 

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