'भ्रष्टाचारियों की गिरफ्तारी तो मांगी थी, तख्त-ओ-ताज तो नहीं मांगा था' - The Pressvarta Trust

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Saturday, October 17, 2015

'भ्रष्टाचारियों की गिरफ्तारी तो मांगी थी, तख्त-ओ-ताज तो नहीं मांगा था'

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद सिरसा के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग पर सरकार का रवैया इस प्रकार बना हुआ है जैसे आंदोलनकारियों ने तख्त-ओ-ताज की मांग कर डाली हो। थाना शहर के समक्ष शनिवार को क्रमिक अनशन व धरने ने 100 दिन पूरे किए। इन सौ दिनों में पुलिस व प्रशासन की पोल खुलकर सामने आ गई। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें करने वाले नेताओं की हकीकत और उनकी औकात भी जग जाहिर हो गई। अनशनकारियों ने शनिवार को ढोल बजाकर सोये हुए प्रशासन को जगाने का काम किया। नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग की गई। गूंगे-बहरे हुए प्रशासन को भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ढोल बजाए गए। अनशनकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में सरकार कितनी संजीदा है यह भी स्पष्ट हो गया। बीती 10 जुलाई से थाना शहर के समक्ष पत्रकार, व्यापारी, कर्मचारी व समाजसेवी धरने पर हैं, लेकिन उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया। नगर परिषद के घपले-घोटाले जगजाहिर हैं। भ्रष्ट अधिकारियों ने जनता के पैसे को डकारने का काम किया। विभिन्न मंचों पर की गई शिकायत को सरकार ने अनसुना कर दिया। भ्रष्टाचारियों के हौसले इस कदर बढ़े कि उन्होंने करोड़ों के वारे न्यारे कर डाले। मीडिया द्वारा अनेकों मामलों को तथ्यों सहित उजागर किया लेकिन उसे अनदेखा कर दिया गया। 'हर समाधानÓ 'सीएम विंडोÓ सहित विभिन्न मंचों पर की गई शिकायतें रद्दी की टोकरी में डाल दी गई। भ्रष्टाचारियों के हौसले इस कदर बढ़े कि उन्होंने कागजों में ही गलियों का निर्माण कर विकास राशि को डकारना शुरू कर दिया। स्टेट विजिलेंस द्वारा की गई जांच पड़ताल में यह स्पष्ट हो गया कि अधिकारियों ने किस प्रकार घपले घोटाले किए। शर्मनाक बात यह रही कि पूर्ववर्ती सरकार के समय किए गए घपले घोटालों की जांच को लंबे अरसे तक लटकाया गया और वर्तमान खट्टर सरकार में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। विजिलेंस द्वारा 29 जुलाई को नगर परिषद के आधा दर्जन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया लेकिन पौने तीन माह अरसा बीतने के बावजूद विजिलेंस ने एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। इसी प्रकार शहर पुलिस ने 18 जून को फर्जी गली निर्माण मामले में नगर परिषद के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जिनमें जेई व एमई की गिरफ्तारी की गई और शेष आरोपियों को बच निकलने का मौका प्रदान किया। पुलिस व प्रशासन की ढिलाई के रोष स्वरूप 10 जुलाई से थाना शहर के समक्ष अनशन शुरू किया गया। शनिवार को अनशन व धरना 100 दिन पूरे कर गया। लेकिन बेशर्म सरकार को शर्म नहीं आई।  क्रमिक अनशन के सौवें दिन पत्रकार इंद्रजीत, पत्रकार अंजनी गोयल, पत्रकार राजेश सतीजा, पत्रकार सोनिया खत्री व पत्रकार राजेश मेहता अनशन पर रहे। इस मौके पर पत्रकार बजरंग वर्मा, पत्रकार मुख्तयार सिंह, पत्रकार रमेश गंभीर, पत्रकार देवेंद्र टक्कर, पत्रकार आकाश चाचान, पत्रकार नीरज, समाजसेवी हरबंस लाल भाटिया, समाजसेवी रमेश कटारिया, हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के सचिव जयप्रकाश भोलूसरिया, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के सचिव सुरजीत अरोड़ा व अन्य उपस्थित थे।

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