फसल नष्ट होने से किसान परेशान, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

प्रैसवार्ता न्यूज: रानियां(अमनदीप)। क्षेत्र में नरमा-कपास, ग्वार व धान की फसल पुरी तरह नष्ट हो गई है। फसल नष्ट होने पर किसानों ने वीरवार को पैक्स निदेशक भूपेन्द्र ङ्क्षसह विर्क के नेतृत्व में बिजली बिल, माल आबयाना, फसली कर्ज, हद कर्ज माफ करने व किसानों की आर्थिक स्थिति सुधार के लिए बिना ब्याज फसली ऋण उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार रानियां को ज्ञापन सौंपा। 
ज्ञापन में पैक्स निदेशक भूपेन्द्र सिंह विर्क, दर्शन सिंह, राम सिंह, आत्मा राम, सतनाम सिंह, रामकिशन, रोहताश, रमेश कुमार, प्यारा राम, गगनदीप, गुलजार, इन्द्रपाल सहित कई किसानों का कहना है कि क्षेत्र में नरमा-कपास व ग्वार की फसल पहले ही नष्ट हो चुकी है और अब धान की फसल भी ब्लास्ट बीमारी के कारण पुरी तरह नष्ट हो गई है। फसल नष्ट होने के कारण किसान बदहाली की कगार पर पहुंच गए है। कर्ज के नीचे डूबने के कारण किसान आत्म हत्याएं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार उनके द्वारा फसल को पकाने के लिए लगाई राशि भी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नरमा कपास व ग्वार की नष्ट फसलों की तो गिरदावरी की जा रही है लेकिन धान के नष्ट होने की गिरदावरी नहीं की जा रही। धान की फसल ब्लास्ट नामक बीमारी के कारण पुरी तरह प्रभावित होकर नष्ट हो चुकी है जिससे किसान मानसिक व आर्थिक रूप से कमजोर हो रहें है। एक तो किसान पहले ही आर्थिक कर्ज के तले डूबे हुए थे और अब फसल नष्ट होने के कारण बुरी तरह कर्ज के तले दब गए हैं। किसानों ने धान की फसलों की गिरदावरी करवा कर कम से कम 40 हजार रूप्ए प्रति एकड के हिसाब से मुआवजा दिया जाने, बिजली का बिल, माल आबयाना, फसल कर्ज, ़ऋण ब्याज, हद कर्जा माफ  किए जाने मांग की। इसके अलावा किसानों ने बिना ब्याज के फसली ऋण उपलब्ध कराया जावे। पैक्स के हद कर्जों की सीमा जो की पिछले पांच वर्षों से बढाई नहीं गई है को 3 लाख रूप्ए तक बढाया जावे। किसानों ने नरमा कपास का न्यूनतम समर्थन मुल्य 8 हजार रूपए प्रति क्विंटल, 1121 बासमति का समर्थन मुल्य 5 हजार रूपए, मुच्छल बासमति व 1509 धान का समर्थन मुल्य 4 हजार रूपए प्रति क्विंटल किया जावे।

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