धर्मोंं का नकाब पहनने वाले कर रहे है राजनीति, डेरा अपने स्टैंड में नहीं करेगा कोई बदलाव: संत गुरमीत


सिरसा(प्रैसवार्ता)। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम शनिवार को डेरा सच्चा सौदा स्टेडियम में पत्रकारों से रूबरू हुए और कहा कि वे पहले भी सभी धर्मों को मानते थे, प्यार करते थे और अब भी मानते हैं और प्यार करते हैं। अकालतख्त को स्पष्टीकरण भेजने बारे स्पष्ट करते हुए डेरा प्रमुख ने कहा कि जैसा उन्होंने लिख कर दिया, उस पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए। अब पता नहीं ऐसा क्यूं हुआ है।धर्म में ऐसा नहीं होता , धर्म में जो बात कह दी वो कह दी। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है, शायद हमारी उम्र में तो पहली बार। पहले अकाल तख्त द्वारा दिए गए हुकमनामे का सिख समाज के बुद्धिजीवी वर्ग ने भी स्वागत किया था तथा बहुत बढिय़ा बताते हुए सारे समाज को इसे अपनाने का आह्वान किया था। परंतु अब  चंद लोग जो शायद प्रेम व भाईचारा नहीं चाहते, वो ऐसा करवा रहे हैं। डेरा प्रमुख ने कहा कि डेरा अपने स्टैंड पर कायम रहेगा और उसमें कोई परिवर्तन नहीं होगा। साध संगत को सिखों के खिलाफ जो केस वापिस लेने के लिए कहा गया है वो वापिस लिए जाएंगे। हमारा काम भाईचारा फैलाना है, प्यार बढ़ाना है। एक कदम बढ़ गया सो बढ़ गया। डेरा प्रमुख ने कहा कि हो सकता है कि इस मामले में राजनीति भी हो रही हो। उन्होंने कहा कि पंजाब में एमएसजी 2 मूवी का वंडरफुल रिस्पांस मिला। सभी धर्मों के लोग बढ़ चढ़ कर आए। धार्मिक जगहों पर अनाउंसमेंट हुई कि जाकर फिल्म देखो।  उन्होंने कहा कि धर्म के अनुसार राजनीति गलत नहीं । क्योंकि धर्म निंदा करने, मांसाहार करने, नशा करने की मनाही करता है। परंतु धर्मांे को राजनीति में इस्तेमाल किया जाए ये ठीक नहीं है। गुरु जी ने कहा कि धर्मों में आज के समय के बारे में साफ लिखा हुआ है कि लोग धर्म का नकाब पहनेंगे लेकिन धर्मों को मानने वाला कोई कोई होगा। एक सवाल के जवाब में गुरमीत राम रहीम ने कहा कि उनकी आने वाली फिल्म वेदों पर आधारित होगी, जोकि महासाईंस है। इस फिल्म में आतंकवाद को कैसे रोका जाए और सर्व धर्म बराबर हो, इसका भी संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूएसए से भी एक दो दिन में स्टोरी लेकर उनके पास आ रहे है।  उन्होंने बताया कि एमएसजी 2 को देखने के लिए मुंबई में 90 प्रतिशत यूथ आया। दिल्ली में एक दिन में 126 शो हुए जिनमें 70 प्रतिशत नए लोगों ने शो बुक करवाए।  गऊ मांस यानि बीफ के बारे में गुरु जी ने कहा कि मांस खाना ही नहीं चाहिए, चाहे वो कोई भी क्यंू ना हो। उन्होंने कहा कि जितने भी पशु पक्षी जो लुप्त प्राय: हो चुके हैं सबकी हत्या पर बैन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा शरीर शाकाहारी है। विज्ञान भी मान चुकी है कि मांसाहारी जीवों की आंतडिय़ा छोटी होती है जबकि इंसान की लंबी। मांस करीब 42 से 48 घंटे में पचता है तथा यह 99 प्रतिशत आंतडियों के कैंसर का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म में नहीं लिखा कि मांस खाओ। 

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