शहर में गूंजी गिरफ्तारी की मांग, फूंका स्टेट विजीलेंस डीएसपी का पुतला

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग हर ओर से गूंज रही है। गुरूवार को एक बार फिर शहरवासियों ने सड़कों पर उतरकर नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी मांगी। सिटी थाना के बाहर धरनास्थल से लेकर सुभाष चौंक तक जुलूस निकालकर स्टेट विजीलेंस के डीएसपी आत्माराम लांबा का पुतला फूंका गया। पत्रकार, कर्मचारी, व्यापारी, छात्र व विभिन्न संगठनों के लोगों ने  'भ्रष्टाचार मुर्दाबाद' 'सिरसा की जनता करे पुकार, भ्रष्टाचारी हो गिरफ्तार', 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारों लगाते हुए भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी मांंगी। जुलुस में शामिल पत्रकार अंजनी गोयल ने कहा कि स्टेट विजिलेंस द्वारा 29 जुलाई को नगर परिषद के तत्कालीन ईओ नेकीराम बिश्रोई, एमई फूल सिंह व रमेश कुमार तथा जेई जगदीश, मनीष व अशोक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। विजिलेंस की ओर से लगभग दो माह का समय बीतने के बावजूद किसी एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। विजिलेंस अधिकारी सेकथित मिली भगत कर दो नामजद अधिकारी जमानत हासिल करने में कामयाब रहे। हरियाणा रोडवेज सिरसा डिपो प्रधान मदन लाल खोथ ने कहा कि पुलिस प्रशासन शांतिपूर्वक तरीके से विरोध जता रहे लोगों को नोटिस जारी कर भयभीत करने की कोशिश कर रही है। पुलिस प्रशासन नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी और अपनी खुन्नस भ्रष्टाचारियों की गिरफ्तारी की मांग करने वालों से निकाल रही है।  भ्रष्टाचारियों की गिरफ्तारी की मांग करना क्या गुनाह है? लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने वालों को पुलिस प्रताडि़त करने की बजाय भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे।  नहर पटवार संघ के प्रधान अशोक कुमार पटवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की कोई व्यक्तिगत मांग नहीं है बल्कि यह सामाजिक लड़ाई है। जिन लोगों ने विकास के नाम पर करोड़ों रुपये डकारने का काम किया है ऐसे नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले 90 दिनों से धरना जारी है और पुलिस अब नोटिस थमा रही है जो कि सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि विजिलेंस ने मामला दर्ज करने के दो माह तक भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नहीं किए। डीएसपी विजिलेंस ने नामजद आरोपियों को जमानत देने का भरपूर समय दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का रवैया अपनाया गया है उससे भ्रष्टाचार मुक्त शासन एक ख्वाब बनकर ही रह जाएगा।  सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान महेंद्र शर्मा ने कहा कि यह लड़ाई पत्रकारों की नहीं है बल्कि सिरसा की जनता की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की इस लड़ाई में पुलिस प्रशासन का रवैया भ्रष्टाचारियों के साथ प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कर्मचारी नेता ने कहा कि भ्रष्टाचार की इस लड़ाई में कर्मचारी संगठन बराबर के शरीक हैं। जिन लोगों ने भी भ्रष्ट आचरण किया है उन्हें सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शांतिपूर्वक विरोध जताने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई तो प्रदेश भर के कर्मचारी एक आवाज में एकजुट हो जाएंगे। उन्होंने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि वह कोई भी कदम उठाने से पहले सोच समझ ले।  मंच संचालन कर रहे पत्रकार देवेंद्र टक्कर ने किया।

पुतले के माध्यम से जताया रोष
नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लोगों का रोष पुतला निर्माण के रूप में देखने को मिला। लोगों ने पुतले को डीएसपी विजिलेंस आत्माराम लांबा का रूप दिया। पुतले की छाती पर उनका नाम अंकित किया गया और जेब में नकली नोट ठूंस दिए गए। 
भ्रष्टाचार का आरोपी जेई जमानत के लिए पहुंचा कोर्ट
स्टेट विजिलेंस द्वारा की गई मैराथन जांच में दोषी करार दिए गए आधा दर्जन अधिकारियों में शामिल जेई अशोक कुमार ने माननीय आरके मेहता एडीजे की अदालत में जमानत के लिए याचिका दाखिल की है। जिस पर 12 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। उल्लेखनीय है कि विजिलेंस ने 128 गलियों में से 15 गलियों की जांच में साढ़े 7 लाख रुपये का गबन किया जाना सिद्ध किया था। विजिलेंस ने 113 गलियों की जांच करने और आरोपी अधिकारियों से गबन राशि रिकवर करने की अनुशंसा की थी। 

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