पाखंड करने से भगवान नहीं मिलता, इससे दूर रहे: संत गुरमीत

सिरसा(प्रैसवार्ता)। बेगू रोड़ स्थित शाह सतनाम जी धाम में रविवार को सत्संग हुई। सत्संग में डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम इन्सां ने सैंकड़ों लोगों को गुरूमंत्र व नाम शब्द प्रदान किया और हजारों लोगों ने जाम ए इन्सां ग्रहण कर मानवता भलाई कार्यों में बढ़चढ़ कर भाग लेने का प्रण लिया। सत्संग में आए लोगों को संबोधित करतेे हुए संत गुरमीत राम रहीम इन्सां ने कहा कि कलयुग के इस भयानक समय में इंसानियत से खिलवाड हो रहा है, हैवानियत बढ़ रही है और इंसानियत रसातल में जा रही है। ईश्वर , अल्लाह, राम से प्रार्थना करते हैं सबको नेक बुद्धि, सदबुद्धि दें। इंसानियत के दुश्मनों का खात्मा हो। संत पीर फकीर ऐसे चौकीदार होते हैं जो मरती हुई इंसानियत को जिंदा करते हैं, ऐसे परम संत थे शाह मस्ताना जी महाराज। सत्संग के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने दो प्रण भी लिए, जिनमें किसी से कोई भद्दा मजाक नहीं करेंगे और अभद्र कपड़े नहीं पहनेंगे। पाखंड , ढोंग इत्यादि से दूर रहने का आह्वान करते हुए संत गुरमीत ने कहा कि पाखंड इत्यादि करने से भगवान नहीं मिलता, वह उन्हें मिलता है जिनके दिलो दिमाग की भावना साफ होती है फिर वो चाहे राजा हो या रंक, अमीर हो या गरीब। भगवान जात पात, उंच नीच नहीं देखता। पूज्य गुरुजी ने कहा कि उस मालिक का शुकराना किया करो, जो ईश्वर का हो जाता है, ईश्वर भी उसका हो जाता है। फकीर कभी किसी का बुरा नहीं करता कल्पना में भी नहीं लाता। वो तो दुआ करते हैं, चौकीदार, टीचर की भांति आवाज देते हैं कि बुरा काम मत करो, वरना भुगतना पड़ेगा। पूज्य गुरुजी ने कहा कि हमेशा विचारों का शुद्धिकरन करो, बुरे कर्मों से बचो। 

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