पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा करेंगे वकालत: अदालत में होते हुए भी नहीं हुए पेश

सिरसा/रोहतक(प्रैसवार्ता)। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक वर्ष तक सत्ता से दूर रहते हुए वकालत शुरू कर दी है और उन्हें अब काले कोट वाले लिबास में रोहतक की जिला अदालत में देखा जा सकेगा। हुड्डा ने पिछले एक वर्ष में अपना अस्तित्व बरकरार बनाए रखने तथा कांग्रेस हाईकमान तक विश्वास बहाल रखने के कई प्रयास किए, जो उन्हें सफलता नहीं दे पाए। प्रदेशभर में घूम रहे हुड्डा ने प्रदेशवासियों की नब्ज टटोली, तो उन्हें सच्चाई का पता चला। हुड्डा सहित 4 अन्य को रोहतक की एक अदालत ने जाट आरक्षण से जुडे कथित फर्जी सर्वेक्षण के मामले में नोटिस जारी किया था। हुड्डा सहित अन्य चारों ने सोमवार को अदालत में पेश होना था, मगर हुड्डा अदालत परिसर में होने के बावजूद भी अदालत में पेश नही हुए। इस मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को होगी। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी अनुसार जिला भिवानी के ग्राम नीमली निवासी वेद प्रकाश की रिवीजन पटीशन पर जिला अदालत में सुनवाई चल रही है कि हुड्डा इत्यादि पर मामला दर्ज किया या नहीं। वेद प्रकाश ने वर्ष 2012 में जाट आरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से जाटों का सामाजिक व आर्थिक स्तर जानने के लिए करवाए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट की चुनौती दी थी, जिसे निचली अदालत ने सबूतों के अभाव में मामला दर्ज करने के आदेश नहीं दिए थे, जिस पर वेद प्रकाश ने जिला अदालत में अपील दायर की हैै। वेद प्रकाश ने अपनी याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र्र सिंह हुड्डा, एम.डी.यू के पूर्व वाईस चांसलर आर पी हुड्डा, हरियाणा बैकवर्ड क्लास कमीशन के चेयरमैन के सी गुुप्ता तथा एमडीयू के पूर्व प्रोफेसर खजान सिंह सांगवान पर कथित फर्जी सर्वे का आरोप लगाते हुए इनके खिलाफ विभिन्न विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है।

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