सात युवाओं ने बदली गांव की सोच, प्रदेश का पहला ई-साक्षर गांव बनाने में जुटे युवा

हिसार(प्रैसवार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल इंडिया का जो सपना देखा है। उसे जमीनी स्तर पर हकीकत में बदलने के लिए जिले के गांव तलवंडी राणा में युवा जी जान से जुटे है। राह गु्रप फाउंडेशन की मदद से इस गांव के सात उत्साही युवाओं ने अपने गांव को प्रदेश का पहला ई साक्षर गांव बनाने की कवायद शुरु कर दी है। इन युवाओं ने ऐसा खाका तैयार किया है, जिससे आगामी तीन माह में इस गांव का हर परिवार ई-साक्षरता मिशन से जुड़ जाएगा। यह मॉडल भी ऐसा जिसे अपना कर प्रदेश तो क्या देश के सभी गांवों को रिकार्ड समय में ई-साक्षर बनाया जा सकता है। फिलहाल इस गांव के पांच सौ मोबाइल धारकों को इस मुहिम के माध्यम से संदेश भेजा जा रहा है। आने वाले एक माह में एक हजार परिवारों को एक साथ मिलेगा उनकी जरुरत के अनुरुप संदेश या अन्य जानकारी प्रदान होने लगेगी।
क्या क्या सिखाया जा रहा है
गांव को ई-साक्षर बनाने इस मुहिम के तहत ग्र्रामीणों को कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी, उपयोग, इंटरनेट व उसके उपयोग की जानकारी के अलावा डिजिटल लॉकर बनाने, ऑनलाईन बिजली का बिल भरने, रेलवे की टिकट बुक करने, मौसम की जानकारी प्राप्त करने, सरकारी व प्राईवेट क्षेत्र की नौकरियों की जानकारी प्राप्त करने से लेकर डिजिटल तकनीकों के उपयोग के अलावा ई लॉकर की जानकारी दी जा रही है। 
इन तथ्यों की मिलती है जानकारी
रोजगार की जानकारी चाहिए, राशन डिपों पर वितरण से जुड़ी जानकारी, शिक्षा से जुड़ा कोई तथ्य, मौसम का पूर्वानुमान हो या ग्राम विकास से जुड़ी कोई भी खबर। ग्राम पंचायत की होने वाली बैठक की सूचना या अन्य कोई सार्वजनिक महत्व की सूचना। जैसे: कोई रक्त जांच शिविर लगना है, मतदाता जागरुकता शिविर लगना है, कोई मुनादी करवानी है, बिजली का बिल जमा करने की सूचना देनी है या अन्य कोई इसी प्रकार की सूचना।   
हर किसी की जरुरत का ध्यान
ई-साक्षर कार्यक्रम के तहत प्रत्येक वर्ग की जरुरतों का ध्यान रखा गया है। जैसे कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उनकी जरुरतों के हिसाब से वाट्स-एप गु्रप तैयार किया गया है। इसी प्रकार स्कूल संचालकों को भी उनकी जरुरतों के हिसाब से डिजिटल तकनीक का उपयोग करके अभिभावकों से जुडऩे की कला सिखाई जा रही है। विद्यार्थियों को नौकरी व भविष्य में आने वाले कोर्स की जानकारी प्रदान की जा रही है। यह जानकारी पूर्णरुप से नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है।
हर कोई है इनके साथ
गांव को ई-साक्षर बनाने की इस मुहिम की अगवाई जहां राह ग्रुप फाउंडेशन के चेयरमैन नरेश सेलपाड़ कर रहें है, वहीं ट्रेडिंग आप्रेटर के रुप में कार्यरत विनय वर्मा, गांव धान्सू में लक्ष्य पब्लिक स्कूल के सह-संचालक मास्टर रमेश वर्मा, विद्यार्थी पवन जागड़ा, रामबीर, डा. रामफल वर्मा, मास्टर सुरेश खटाणा अपना सहयोग दे रहें है। इसके अलावा गांव के प्रत्येक विद्यार्थी, स्कूल संचालक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, युवा क्लब व ग्राम पंचायत इस मुहिम में इनके साथ है।
प्रत्येक गांव बन सकता है ई-साक्षर
राह गु्रप के चेयरमैन नरेश सेलपाड़ का कहना है कि यदि प्रदेश के प्रत्येक गांव से दस युवा इस मुहिम से जुडऩे को तैयार हो तो मात्र छह माह में सभी गांवों को ई-साक्षर बनाया जा सकता है। वे मानते है कि हम बदलाव के लिए सरकार की तरफ देखने की बजाय स्वयं पहल करनी चाहिए। यदि इस मामले में नेहरु युवा केन्द्र, दूसरी सामाजिक संस्थाओं व ग्राम पंचायतों को साथ लेकर व्यापक स्तर पर अभियान छेडऩे की जरुरत है। उसके बाद जैसे-जैसे इसके लाभों का आभास होगा, आम जनता अपने आप इस मुहिम से जुड़ जाएगी।
क्या काम करता है राह गु्रप फाउंडेशन
गांव तलवंडी राणा को ई-साक्षर बनाने की मुहिम में जुटी राह गु्रप फाउंडेशन नामक संस्था प्रदेश में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न का अनुभव करवाने के लिए एचबीटीएसई (हरियाणा बिगेस्ट टेलेंट सर्च एग्जाम) नामक प्रतिभाखोज प्रतियोगिता का आयोजन करती है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों का गठन कर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने, विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क एजुकेशन टूर, कम्प्यूटर शिक्षा का विकास, खेलों को बढ़ावा देने, होनहार खिलाडिय़ोंं, विद्यार्थियों व अध्यापकों को सम्मानित करने, गरीब व जरुरतमंदों की मदद करने के अलावा बुटिक एवं ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग कार्यक्रमों के संचालन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। 

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