''चश्मा" लगाने का दंश भोग रहा है सिरसा

सिरसा(प्रैसवार्ता)। सत्ता से तीन प्लान दूर रहने वाली इनैलो का खामियाजा सिरसा जिला को भुगतना पड़ रहा है। राज्य में भाजपा की सरकार है और सिरसा जिला के पांच विधानसभा क्षेत्रों पर इनैलो काबिज है। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले सिरसा से कांग्रेसी सरकार ने एक दशक तक भेदभाव किया और भाजपा ने भी वहीं राह पकड़ ली। मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर ने 11 दिसंबर 2014 को पहली बार सिरसा आगमन पर महिला कॉलेज की घोषणा की थी, जबकि पूर्व की कांग्रेस सरकार महिला कॉलेज के लिए 17 करोड़ 40 लाख रूपए की राशि जारी कर चुकी थी। खट्टर ने 20 जुलाई 2015 को दूसरी बार सिरसा आने पर 28 घोषणाएं की, जिनमें सिरसा की अनाज मंडी, सब्जी मंडी, लक्कड मंडी को शहर से शिफ्ट करने तथा अतिरिक्त अनाज मंडी बनाने, डबवाली रोड़ से रानियां रोड़ तक बाइपास का निर्माण, शहर में चल रही डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने, बेसहारा पशुओं के लिए केलनिया ग्राम में सांडशाला बनाना, बाल भवन से रेलवे फाटक तक चार मार्गीय सड़क का निर्माण, सिरसा मेजर नहर को अंडरग्राऊंड करने, घग्गर बांध से रानियां रोड़ तक बाइपास का निर्माण, पुरानी कचहरी रोड़ पर पांच एकड भूमि पर कमर्शियल कंपलेक्स माल, ऑडोटोरियम पार्क,पार्किंग निर्माण, डबवाली की कबीर बस्ती में स्कूल का निर्माण, ओढ़ा में बस स्टैंड को निर्माण, बठिण्डा रोड़ से चौटाला रोड़ को जोडऩे के लिए बाईपास का निर्माण, स्वास्थय केंद्र को 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाना तथा शमशान भूमि के पास रेलवे अंडरपास निर्माण, रानियां में सरकारी कॉलेज का निर्माण, ओटू झील का विकास एवं सफाई, ओटू-भूना का विस्तार, रानियां को ग्राम कुत्तावढ़ से जोडऩे के लिए घग्गर पर ब्रिज का निर्माण, नाथूसरी चौपटा में बस स्टैंड का निर्माण, नोहर रोड़ ऐलनाबाद पर रेलवे अंडरपास निर्माण, शेरांवाली डिस्ट्रीब्यूटरी को ओटू टेल तक जोडऩा, तलवाडा खुर्द ग्राम के पास रेलवे अंडर पास निर्माण, कालांवाली में बस स्टैंड, सरकारी कॉलेज तथा आईटीआई प्राथमिक स्वास्थय केंद्र को अपग्रेड करके 50 बिस्तर का अस्पताल बनाने के साथ साथ कालांवाली को उपमंडल का दर्जा देने के साथ साथ बरनाला रोड़ पर पंजाब सीमा तक हाईवे की विशेष रिपेयर, ग्राम रोड़ी को पालिका का दर्जा देना तथा पनिहारी-अलीकां को जोडऩे वाला पुल के दोनो तरफ सड़क का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री को इन घोषणाओं को चार महीने बीत चुके है, मगर किसी भी घोषणा पर काम शुरू नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री द्वारा जिला सिरसा के पांच विधानसभा क्षेत्रों को पांच-पांच करोड़ रूपए देने की घोषणा पर अभी तक कोई प्रपोजल नहीं बना है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं को ठंडे बस्ते में इसलिए डाला गया है, क्योंकि संसदीय क्षेत्र के साथ साथ जिला सिरसा के सभी पांच क्षेत्रों में इनैलो का कब्जा है।

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