सिरसा में 'गैण्डा स्वामी' कहते ही रूक जाती है पुलिस की कलम

सिरसा(प्रैसवार्ता)। जिला सिरसा में पुलिस का चालान अभियान पूरे यौवन पर है। गली-मुहल्लों में पुलिस कर्मी वाहनों का चालान काट रहे है, मगर सिरसा जिला में  तिपाहिया वाहनों के न तो चालान काटे जाते है और न ही कोई निरीक्षण बगैरा किया जाता है। ज्यादातर तिपाहिया वाहन चालकों के पास  चालक लाईसैंस तक नहीं है, मगर वह धडल्ले से सवारियां ढो रहे है। केवल इतना ही नहीं सिरसा से डबवाली, सिरसा से फतेहाबाद तथा सिरसा के आसपास के कस्बों में सरकारी प्रतिबंध के बावजूद भी सड़कों पर धडल्ले से मैक्सी कैब दौड़ रही है, जो क्षमता से ज्यादा सवारियां बिठाती है। हाईकोर्ट की पाबंदी के बावजूद भी बगैर रोड़ परमिट के मैक्सी कैब चालक 'गैण्डा स्वामी' का नाम लेकर वाहन चला रहे है, जिन्हें आरटीए/राज्य परिवहन विभाग या यातायात पुलिस द्वारा नहीं रोका जाता, क्योंकि ऐसे ज्यादातर मैक्सी कैब के पास गैण्डा स्वामी का नाम है, जिनका नाम सुनते ही पुलिस के चालान बुक के पृष्ठ फडफडाने लगते है और कलम कांपने लगती है। यह  'गैण्डा स्वामी' कौन है, यह बताने के लिए कोई भी अवैध वाहन चालक तैयार नहीं, मगर दबी जुबां में स्वीकार करते है कि इस नाम से सरकारी तंत्र से उन्हें राहत जरूर मिल जाती है।

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