गांव ओटू में दो नाबालिंग कन्याओं की शादी रुकवाई

रानियां(प्रैसवार्ता)। बाल विवाह जहां अपराध की श्रेणी में माना जाता है वहीं देंर रात गांव ओटू में एक ही परिवार की दो नाबालिंग कन्याओं की शादी प्रशासन की मदद से रुकवाकर पुण्य का कार्य किया है। घटना गांव ओटू के एक गरीब परिवार की है जो कि अपनी दो कन्याओं की शादी इस लालच में कर रहा था कि खर्चों से बच सके मगर उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि नाबालिंगों का भविष्य किस प्रकार अंधकार में चला जाता। इस गांव के कामरेड पुत्र श्रीचंद की दो नाबालिंग कन्याओं की शादी इसी गांव में होनी तय हुई। जब इस बात की भनक जिला प्रशासन को लगी तो उन्होंने जिला बाल विकास विभाग की श्रीमती मोनिका चौधरी मौका पर पहुंची उनके साथ रानियां के थाना प्रभारी दलीप सिंह भी मौजूद थे। दोनों अधिकारियों ने कन्याओं के पिता कामरेड व परिवार के अन्य सदस्यों को समझाया। अधिकारियों के समझाने से नाबालिंग कन्याओं के माता पिता इस बात को अच्छी तरह से समझ गए तथा अपनी नाबालिंग बेटियों की शादी रद्द करने का फैसला ले लिया। इस बात की चर्चा जब गांव के अन्य लोगों को लगी तो उन्होंने भी इस फैसले को सही करार दिया। बताया जाता है कि कामरेड अत्यंत गरीब परिवार से संबंध रखने वाला है इसलिए उसने खर्चें से बचने के लिए गांव में ही अपनी बेटियों की शादी करने का फैसला लिया जोकि अधिकारियों के समझाने से कन्याओं का भविष्य बच गया।

No comments